गैंगस्टर जय बाजपेई और विकास दुबे
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बिकरू कांड से जुड़े एक आरोपी सचेंडी निवासी राहुल सिंह को जमानत मिलने के बाद जेल में बंद अन्य आरोपियों के परिजनों ने कोर्ट में जमानत के लिए पैरवी तेज कर दी है। परिजनों को उम्मीद है कि शायद अन्य आरोपियों को भी जमानत मिल जाए। बिकरू कांड के करीब पचास आरोपी जेल में बंद हैं।
पुलिस ने विकास के साथी जयकांत बाजपेई को भी जेल भेजा था। उसकी बरामद गाड़ियों में से एक गाड़ी उसके दोस्त राहुल सिंह के नाम पर थी। जिसमें सचिवालय का फर्जी पास लगा था। जिसका मुकदमा काकादेव थाने में दर्ज हुआ था। कुछ समय पहले उसको कोर्ट से जमानत मिल गई। जेल में बंद अन्य आरोपियों के परिजनों को भी अब उम्मीद जगी है। वह लगातार जद्दोजहद में जुटे हैं कि किसी तरह उनके परिवार जनों को भी जमानत मिल जाए।
चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 को विकास दुबे को पकडऩे गई पुलिस टीम पर गोलीबारी कर दी गई थी। गोलीबारी में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने भी मुख्य आरोपित विकास दुबे समेत छह आरोपितों को मार गिराया गया था।
इस घटना के महीनों बाद मार्च 2021 को एसटीएफ ने पनकी थानाक्षेत्र से सात आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए थे। एसटीएफ का दावा था कि यह वही हथियार हैं जो पुलिस वालों के खिलाफ हमले में प्रयोग किए गए थे। विकास दुबे इन्हें कानपुर देहात में छोड़कर फरार हो गया था। उ
सके मारे जाने के बाद यह हथियार मध्यप्रदेश में बेचने की कोशिश हो रही थी। पूछताछ में यह भी सामने आया था कि इस गिरोह वह लोग शामिल हैं, जिन्होंने बिकरू से फरारी के बाद विकास दुबे, अमर दुबे और प्रभात मिश्रा की मदद की थी।