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बिकरू कांड: पुलिसकर्मियों पर बयान से पलटने का आरोप, मुख्य पैरोकार ने पुलिस कमिश्नर से की शिकायत, जांच के आदेश

Thu, 19 Sep 2024 11:22 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: बिकरू कांड मामले से जुड़े कई केस के मुख्य पैरोकार अधिवक्ता सौरभ भदौरिया ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। इसके बाद पुलिस कर्मियों के बयान से पलटने पर पुलिस कमिश्नर ने जांच के आदेश दिए हैं।
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बिकरू कांड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में आठ कर्मियों के खून से लाल हुए जिस बिकरू कांड के बाद कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे और उसके कई गुर्गों का एनकाउंटर किया गया, उस मामले में अब पुलिस कर्मी ही दुबे के साथियों के खिलाफ दिए बयान से पलट रहे हैं। बिकरू कांड से जुड़े कई मामलों में पैरोकार अधिवक्ता सौरभ भदौरिया ने पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार से मिलकर इसकी शिकायत की है। दावा किया है कि पुलिस कर्मी कोर्ट में बयान से पलट रहे हैं। साथ ही मामले के गवाह भी मुकर रहे हैं।

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शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीपी ने जांच के आदेश दिए हैं। दो जुलाई 2020 को बिकरू में कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर दुबे और उसके गुर्गों ने हमला कर दिया था। इस हमले में तत्कालीन सीओ बिल्हौर देवेंद्र कुमार मिश्रा समेत आठ पुलिसकर्मी बलिदान हो गए थे। इस बड़ी घटना को सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान में लेकर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। बिकरू कांड के दूसरे दिन पुलिस ने तीन मुकदमे दर्ज किए थे।
इसके बाद पुलिस ने विकास दुबे समेत छह आरोपियों को अलग-अलग जगह मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। एसआईटी जांच और हथियारों की बरामदगी के मामलों को मिलाकर पूरे मामले में कानपुर और यहां से बाहर 80 मुकदमे दर्ज किए गए। मुख्य केस में 43 आरोपी चिह्नित हुए थे। एक आरोपी मनु पांडेय अब तक फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।

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आरोपी को पहचानने से इंकार कर दिया
मामले में अधिवक्ता सौरभ भदौरिया ने बताया कि बिकरू कांड में 40 पुलिसकर्मी गवाह है, जिसमें से अब तक आठ के बयान हो चुके हैं। इन आठ में से 5 ने विरोधी बयान दे दिए हैं। एसआई कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने न्यायालय में कहा कि वह नहीं जानते कि उन्हें गोली लगी तो वह पार हुई या नहीं। खून से सनी उनकी वर्दी कहां है, इसकी जानकारी भी वह कोर्ट को नहीं दे सके। जिन सुधाकर सिंह की रिवाल्वर लूटी गई थी, उन्होंने भी किसी भी आरोपी को पहचानने से इंकार कर दिया।
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सीपी ने जांच के आदेश दिए
वहीं, पुलिस ने बिकरू कांड के मुख्य केस में गवाह कुंवरपाल ने भी आरोपियों को पहचानने से मना कर दिया। यही नहीं इन दोनों ने रास्ता रोकने के लिए जेसीबी लगाने की जानकारी होने से भी इन्कार कर दिया। जाहिर है कि गवाहों और पुलिस कर्मियों के ऐसे बयानों से कोर्ट में बिकरू कांड से जुड़े केसों का टिकना मुश्किल होगा। सीपी ने इस जानकारी को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
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