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बिकरू कांड: शहीद सीओ की बेटी बनी ओएसडी, सिपाही के भाई ने भी पहनी खाकी, दोनों को कानपुर पुलिस कमिश्नरी में मिली तैनाती

Thu, 29 Jul 2021 08:19 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

वैष्णवी की तैनाती पुलिस मुख्यालय में की गई थी लेकिन अब उनका तबादला कानपुर कमिश्नरी में कर दिया गया है। पुलिस ऑफिस में उन्होंने पदभार ग्रहण कर लिया है।
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शहीद सीओ की बेटी वैष्णवी मिश्रा व शहीद सिपाही का भाई उमेश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिकरू कांड में शहीद हुए सीओ की बेटी वैष्णवी मिश्रा को विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) के पद पर नियुक्ति मिल गई है। शहीद हुए एक सिपाही के भाई ने भी खाकी पहन ली है। कानपुर कमिश्नरी में दोनों की तैनाती की गई है।
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दोनों ने ड्यूटी ज्वाइन भी कर ली है। दो जुलाई 2020 की रात पुलिस ने गैंगस्टर विकास दुबे की गिरफ्तारी के लिए बिकरू गांव में दबिश दी थी। विकास दुबे व उसके गुर्गों ने हमला कर आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी।

इसमें बिल्हौर सीओ देवेंद्र मिश्रा (मूल रूप से बांदा निवासी) भी शहीद हुए थे। उनकी बड़ी बेटी वैष्णवी मिश्रा ने ओएसडी पद के लिए आवेदन किया था। एक साल तक चली प्रक्रिया के बाद वैष्णवी को नियुक्ति मिल गई है।
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वैष्णवी की तैनाती पुलिस मुख्यालय में की गई थी लेकिन अब उनका तबादला कानपुर कमिश्नरी में कर दिया गया है। पुलिस ऑफिस में उन्होंने पदभार ग्रहण कर लिया है।

संबंधित अफसर उनको ट्रेनिंग दे रहे हैं। वहीं आगरा के फतेहाबाद थाना क्षेत्र के नगला लोहिया गांव निवासी सिपाही बबलू कुमार भी शहीद हुए थे। बबलू की तैनाती बिठूर थाने में थी। बबलू के छोटे भाई उमेश ने भर्ती के लिए आवेदन किया था।

फिजिकल और मेडिकल परीक्षा पास करने के बाद उमेश ने अब खाकी पहन ली है। नियुक्ति के बाद कानपुर पुलिस कमिश्नरी में ही उनको तैनाती मिली है। फिलहाल पुलिस लाइन में तैनात हैं। सोमवार से छुट्टी पर घर गए हैं। 

 

इनकी भर्ती प्रक्रिया जारी 
दरोगा अनूप सिंह, दरोगा नेबूलाल और सिपाही राहुल कुमार की पत्नियों ने दरोगा पद के लिए आवेदन किया है। राहुल कुमार की पत्नी दिव्या ने फिजिकल पास भी कर लिया है।

प्रक्रिया जारी है। अन्य के भी भर्ती होने की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा अन्य तीन पुलिसकर्मियों के परिजनों ने नौकरी के लिए अभी आवेदन नहीं किया है।
 

नौकरी मिलने से परिजन खुश, बोले-सरकार ने वादा निभाया
बिकरू कांड में शहीद हुए सीओ की बेटी और सिपाही के भाई को नौकरी मिलने से उनके परिजनों ने खुशी जाहिर की है। कहा कि सरकार ने जो वादा किया था, उसे पूरा किया। शहीद के परिवारों को सम्मान मिल रहा है।

सीओ की पत्नी ने बेटी के ओएसडी बनने पर खुशी जताई तो सिपाही के माता-पिता छोटे बेटे को वर्दी में शहीद बेटे का अक्स देखते हैं। शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा का परिवार स्वरूपनगर स्थित एक अपार्टमेंट में रहता है।

पत्नी आशा मिश्र ने कहा कि जिसको खो दिया, उसकी तो कमी कभी पूरी नहीं की जा सकती लेकिन बेटी के अफसर बनने की खुशी बहुत है। वहीं शहीद सिपाही बबलू कुमार के पिता महावीर और मां वैजयंती ने कहा कि उनका सबसे छोटा बेटा उमेश पुलिस में सिपाही बना है।

 
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उसमें मेरा बबलू ही नजर आता है। जब वह पहली बार वर्दी पहनकर सामने आया तो मुझ लगा जैसे बबूल आ गया हो। कहा कि बबलू कमी हमेशा खलेगी, मगर उसकी शहादत पर गर्व है। 

बड़े वादे पूरे, कुछ बाकी 
बबलू के बड़े भाई दिनेश कुमार ने कहा कि सरकार और शासन-प्रशासन ने पूरी मदद की। शहीद के परिवार को पूरी आर्थिक सहायता मिल चुकी है। छोटे भाई को नौकरी भी मिल गई है। हालांकि गांव में शहीद के नाम पर सड़क, स्मारक और शहीद द्वार बनना बाकी है।
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