फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुछ ऐसा हाल है उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े बस अड्डे का, बदहाली चरम पर

Sat, 18 May 2019 03:59 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
बदहाल झकरकटी बस अड्डा, परेशान यात्री - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
यूपी का सबसे बड़ा बस अड्डा झकरकटी बदहाली का शिकार है। यहां टीन शेड न होने से कड़ी धूप में बस खड़ी होती हैं। सवारियां बैठाने के दौरान तपती बस में बैठकर यात्रियों को परेशान होना पड़ता है। छाया न होने से यात्री सड़क के दोनों तरफ स्थित दुकानों के आसपास खड़े रहते हैं। स्टैंड पर यात्रियों के बैठने तक के इंतजाम नहीं हैं। पंखे तक की व्यवस्था बस अड्डे पर नहीं है। पेयजल के लिए भी केवल एक वाटर एटीएम है।
विज्ञापन


उत्तर प्रदेश सरकार ने कानपुर के झकरकटी बस अड्डा को सुधारने के लिए इसे पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत संवारने का निर्णय करीब एक साल पहले लिया था। यहां पर टीन शेड लगाकर प्लेटफॉर्म बनाने की योजना है लेकिन साल भर बीतने के बाद भी इस पर कोई अमल नहीं हो सका है। यूपी के सबसे बड़े बस अड्डे की दुर्दशा का हाल यह है कि बस अड्डे में घुसते ही ऊबड़-खाबड़ खड़ंजे के बड़े-बड़े गड्ढों से बस गुजरती है तो यात्री हिचकोले खाते रहते हैं। कभी-कभी गेट से यात्री गिरकर घायल भी हो जाते हैं। 

यात्री बोले
फतेहपुर जाने वाले यात्री रुद्र प्रसाद ने बताया कि दो घंटे से बस का इंतजार कर रहा हूं। चुनाव की वजह से जल्दी बसें नहीं मिल रही हैं। गर्मी में साफ पानी तक की व्यवस्था नहीं है। टीन शेड न होने की वजह से धूप में खड़े होकर बस का इंतजार करना मजबूरी है।
विज्ञापन


गोरखपुर जाने वाले प्रशांत ने बताया कि पानी न मिलने से लोग यहां खराब क्वालिटी का पानी बेच रहे हैं। आसपास हैंडपंप भी नहीं हैं। इसलिए लोग प्यास बुझाने के लिए यहां मजबूरी में पानी खरीदते हैं।

बस अड्डे के पुनरुद्धार की योजना शासन ने मंजूर की है। इससे यहां की हालत काफी सुधरेगी। अभी बस अड्डे के खड़ंजे पर हुए गड्ढों को भराया जा चुका है। तालाब किनारे होने की वजह से यह दिक्कत होती है। टीन शेड लगाने का प्रस्ताव नई योजना में शामिल है।

विज्ञापन

- राजीव कटियार, एआरएम, झकरकटी बस अड्डा

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें