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10 की मौत: 'बिटिया-दामाद को न बुलाते तो बच जाती 5 की जान', बहादुर की बहन का छलका दर्द; चीत्कार से गूंजा इलाका

Wed, 17 May 2023 08:43 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, फतेहपुर

सार

फतेहपुर के जहानाबाद में चिल्ला मोड़ के पास हुए हादसे में ऑटो सवार 10 लोगों की मौत का मामले में गांव में सन्नाटा पसरा है। हादसा देखकर राहगीरों के कदम रुक गए। आसपास गांव के लोगों की भीड़ लग गई। हाईवे पर भीड़ जमा हो गई। 
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फतेहपुर सड़क हादसा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फतेहपुर जिले के जहानाबाद के चिल्ला मोड़ के पास हुई घटना में कानपुर देहात के मूसानगर निवासी एक ही परिवार से जुड़े पांच लोगों की मौत हो गई। यह सूचना पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं, परिवार व गांव के कई लोग फतेहपुर के लिए रवाना हो गए। गांव निवासी मृतक की बहन रोते हुए कई बार बेहोश हो गई। 
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होश में आने पर वह बार-बार यही कह रही थी कि बिटिया-दामाद को यहां नहीं बुलाते तो छह लोगों की जान बच जाती। मूसानगर के रसूलपुर गांव निवासी बहादुर (55) की बेटी जशोदा (35) की शादी इटावा के बंगाली कालोनी निवासी अनिल के साथ हुई थी। 

जशोदा अपने परिवार और अनिल के नाना अशर्फी लाल के साथ दिल्ली से एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए पांच दिन पहले रसूलपुर गांव आई थी। बहादुर की बहन किरन ने बताया कि भाई अपनी बेटी के परिवार और रिश्तेदार के साथ मंगलवार को फतेहपुर के जहानाबाद निवासी एक रिश्तेदार के घर शादी समारोह में जा रहे थे। सभी लोग सवारी वाहन से कानपुर नगर के घाटमपुर पहुंचे। 
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वहां से एक ऑटो पर बैठकर जहानाबाद जा रहे थे। जहानाबाद के चिल्ला मोड़ के पास तेज रफ्तार दूध टैंकर ने ऑटो में टक्कर मार दी। हादसे में ऑटो पर सवार बहादुर की बेटी जशोदा, दामाद अनिल (38), नाती लव उर्फ छोटू (छह माह), नातिन पल्लवी (7) व अशर्फीलाल (60) की मौत हो गई। बहादुर घायल हो गए। 
 

इन सभी के घर से निकलने के दो घंटे बाद ही पांच लोगों की मौत की खबर मिली तो परिवार के लोग बेहाल हो गए। घटना के बाद परिवार व गांव के कई लोग मौके पर रवाना हो गए। इससे गांव में सन्नाटा पसर गया। किरन ने बताया कि परिजन व रिश्तेदार पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को मृतकों के शव लेकर गांव आएंगे।

राहगीरों के कदम रुके, परिजनों की चीत्कार से गूंजा इलाका
हादसा देखकर राहगीरों के कदम रुक गए। आसपास गांव के लोगों की भीड़ लग गई। हाईवे पर भीड़ जमा हो गई। पल्लवी (7), लव (छह माह), सौम्या (5) के शवों को देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं। ऑटो के अंदर ही चालक अर्जुन सैनी का शव दबा था। मासूम लव का शव ऑटो के दूसरी ओर पड़ा था। एक ओर पल्लवी खून से लथपथ पड़ी थी। 
 

हादसे में इलाज दौरान दम तोड़ने वाली सौम्या को भी लोग मृत मान चुके थे। हादसे के बाद जहानाबाद में मौजूद दिवंगत अनिल की बहन मंजू व अन्य परिजन पहुंचे। परिजनों की करुण चीत्कार से इलाका गूंज उठा। हादसे ने लोगों के दिलों को झकझोर दिया। सगाई वाले परिवार के मुखिया लाला ने बताया कि वह लोग मूलरूप से घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले हैं।

 
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कई साल से जहानाबाद में रहते हैं। हादसे में उनके परिवार के रिश्तेदारों की जान चली गई है। इसी वजह से सगाई कार्यक्रम नहीं करेंगे। लाला ने बताया कि दिवंगत अनिल के ससुर बहादुर उसके मामा हैं। वह अनिल के घर नया रिश्ता कर पुरानी रिश्तेदारी को नए रिश्ते में बदलना चाहते हैं।
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