इस व्यक्ति ने एआरटीओ को सबूत देने के लिए कहा। इसके बाद एक जांच केंद्र से थाने में महीनों से बंद ट्रक नंबर एमएच 46 एआर 6321 और बस नंबर यूपी 78 बीटी 0451 के प्रदूषण की जांच कर प्रमाणपत्र बनाने के लिए संपर्क किया।
केंद्र संचालक को बताया गया कि ट्रक और बस बाहर गए हैं। इसलिए जांच के लिए केंद्र पर नहीं ला सकते। केंद्र संचालक ने दोनों वाहनों की नंबर प्लेट की फोटो खींच कर लाने और दो सौ रुपये की डिमांड की। नंबर प्लेट की फोटो और दो सौ रुपये देने पर प्रदूषण नियंत्रित प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए। इन प्रमाणपत्रों पर बाला जी पर्यावरण समिति की मुहर लगी है।
प्रमाणपत्र जारी करने की तारीख 11 अप्रैल 2019 लिखी है। वैधता की तारीख 10 अक्टूबर 2019 लिखी है। अब गौर करें, यह दोनों वाहन महीनों से कल्याणपुर थाने में विभिन्न कारणों से बंद हैं। दोनों प्रमाणपत्र की फोटो कॉपी एआरटीओ प्रशासन को दी गई है।
जिले में 12.91 लाख वाहन
जिले में बढ़ते वाहन भी प्रदूषण का कारण हैं। इस समय जिले में 12 लाख 91 हजार 501 वाहन हैं। इसमें नौ लाख 81 हजार 755 मोटर साइकिल, स्कूटर, 34 हजार 685 मोपेड, एक लाख 98 हजार 863 कार, 13 हजार 894 कृषि काम के लिए ट्रैक्टर, 28 हजार 577 गुड्स कैरियर, एक हजार व्यावसायिक ट्रैक्टर, यात्री ढोने वाले थ्री व्हीलर 7057, सामान ढोने वाले थ्री व्हीलर 4667, बस 2026, मोटर कैब 2534 शामिल हैं।
थाने में बंद वाहनों का प्रदूषण जांच का प्रमाणपत्र जारी होना गंभीर है। केंद्र संचालक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। इसके बाद ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को केंद्र का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की जाएगी। - आदित्य त्रिपाठी, एआरटीओ प्रशासन