कानपुर में जानवरों की खालों से मदरसों ने इस बार तकरीबन तीन करोड़ रुपए की मोटी कमाई की है। ईद पर कुर्बानी के बाद सभी मुसलमान इन खालों को मदरसों को चंदे के बतौर अदा करते है।
इस बार इंटरनेशनल मार्केट में चमड़ा व्यवसाय मंदा होने से खालें सस्ती बेची जा रही हैं। बकरे की हाइड 200 की जगह 100 रुपये और भैंस की हाइड 800 रुपये की जगह 400 रुपये की बिक रही है।
हाइड मर्चेंट एसोसिएशन के महामंत्री अशरफ कमाल ने बताया कि मार्केट डाउन है। शहर भर में करीब तीन करोड़ रुपये की जानवरों की खालों का कारोबार हुआ है। इसमें अधिकांश जगह मदरसों के माध्यम से कारोबार हो रहा है। पांच से छह करोड़ रुपये की हाइड इस बार आधे दामों पर बिकी हैं।
शहरकाजी मौलाना आलम रजा नूरी ने बताया कि रमजान में जकात और बकरीद में कुर्बानी की खालों से मिलने वाली रकम से मदरसा छात्र-छात्राओं की किफालत (पालन पोषण) में मदद होती है।