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बेहमई कांड पर फैसला टला, ऐन वक्त पर चार्जशीट ही गायब, अब 24 जनवरी को सुनवाई

Sat, 18 Jan 2020 03:31 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
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फूलन देवी (फाइल फोटो) - फोटो : गूगल
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बेहमई कांड को लेकर आने वाला फैसला फिलहाल आज टल गया है। इस केस की सुनवाई की अगली तारीख 24 जनवरी दी गई है। निर्णय के स्तर पर आकर न्यायालय को मूल केस डायरी पत्रावली में नहीं मिली। न्यायालय ने इसको तलाशने के निर्देश जारी किए हैं।
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इस मामले में लिपिक राजेंद्र प्रसाद को नोटिस जारी किया गया है। बताते चलें कि 14 फरवरी 1981 को डाकू फूलन देवी और उसके गिरोह ने बेहमई गांव में धावा बोलकर 20 लोगों की हत्या कर दी थी। कई लोग गोली लगने से घायल हो गए थे।

बेहमई गांव निवासी राजाराम सिंह ने फूलन देवी समेत 35-36 डकैतों के खिलाफ थाना सिकंदरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद मामला देशभर में चर्चित रहा था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही फूलनदेवी समेत कई डकैतों की मौत हो चुकी है।

वर्ष 2012 में डकैत फूलन समेत भीखा, पोसा, विश्नाथ, श्यामबाबू और राम सिंह पर आरोप तय किए गए थे। मामले की सुनवाई सुधीर कुमार विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र (एंटी डकैती) की कोर्ट में चल रही है।
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इन आरोपियों की हो चुकी मौत
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार बेहमई कांड की प्रमुख आरोपी दस्यु सुंदरी फूलन देवी की नई दिल्ली में हत्या हो चुकी है। जालौन के कोटा कुठौंद के रामऔतार, गुलौली कालपी के मुस्तकीम, बिरही कालपी के लल्लू बघेल व बलवान, कालपी के लल्लू यादव, कोंच के रामशंकर, डकोर कालपी के जग्गन उर्फ जागेश्वर, महदेवा कालपी के बलराम, टिकरी के मोती, चुर्खी के वृंदावन, कदौली के राम प्रकाश, गौहानी सिकंदरा के रामपाल, मेतीपुर कुठौद के प्रेम, धरिया मंगलपुर के नंदा उर्फ माया मल्लाह की मौत हो चुकी है।
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