हसनगंज स्टेट बैंक में युवक से मारपीट करता सिपाही।
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उन्नाव के हसनगंज में खाते में दस हजार के पुराने नोट जमा करने और अस्पताल में भर्ती मां के इलाज के लिए दो हजार रुपये निकालने गए युवक को सिपाही ने पीटते हुए बैंक से खींचकर बाहर कर दिया। लोगों ने बीच बचाव कर किसी तरह युवक को सिपाही से बचाया।
हसनगंज तहसील के कोरौरा गांव निवासी राघवेंद्र सिंह के अनुसार उसकी मां बीमार हैं और उनका लखनऊ के सिटी हास्पिटल में इलाज चल रहा है। गुरुवार को वह हसनगंज कसबा स्थित एसबीआई बैंक खाते में दस हजार रुपये पांच सौ के पुराने नोट जमा करने और दो हजार रुपये बदलने के लिए गया था। रुपये तो जमा हो गए लेकिन जब दो हजार रुपये बदलने की बारी आई तो बैंक कर्मियों ने कैश खत्म होने की बात कह दी। कई घंटे से लाइन में लगे राघवेंद्र सिंह ने अपनी समस्या बताते हुए मां की बीमारी का हवाला दिया लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी।
इस पर उसने गुस्से में आकर बहस शुरू कर दी। बैंक कर्मियों की सूचना पर पहुंचे सिपाही ने राघवेंद्र को बैंक के भीतर पीटा और खींचते हुए बैंक के बाहर लाया। बैंक में ही मौजूद न्योतनी कसबा निवासी सभासद मंशाराम ने बीच बचाव किया। इस पर सिपाही की पिटाई के आहत राघवेंद्र काफी देर तक वहीं खड़ा रहा फिर एक रिश्तेदार से कुछ रुपये मांगकर लखनऊ मां के पास चला गया।
बैंक के सहायक प्रबंधक डीके शुक्ला का कहना है कि राघवेंद्र नशे में था। बैंक में ग्राहकों और बैंक कर्मियों से अभद्रता कर रहा था। इस पर पलिस को सूचना दी गई। एसपी नेहा पांडेय ने बताया कि बैंक अधिकारियों से बात की है कैश खत्म होने जैसी कोई बात नहीं थी। युवक कई दिनों से बैंक में आ रहा था और विवाद कर रहा था। आज बैंक के अधिकारियों ने सूचना दी तो पहुंचे सिपाही ने उसे बैंक से बाहर कर दिया।