मुठभेड़ में बावरिया गिरोह का सरगना समेत पांच गिरफ्तार
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कानपुर के महाराजपुर में पकड़ा गया बावरियों का गिरोह बेहद शातिर है। किसी को उन पर शक न हो, इसलिए एक से दूसरे शहर जाने के लिए बदमाश पब्लिक ट्रांसपोर्ट या बाइक का इस्तेमाल करते थे। मोबाइल भी साथ नहीं रखते थे।
बातचीत के लिए राहगीरों से मोबाइल लेकर कॉल करते थे। इसका खुलासा बदमाशों से पूछताछ के दौरान हुआ। पुलिस के मुताबिक करीब दो सप्ताह पहले बुलंदशहर में गिरोह के दो बदमाश पकड़े गए थे। पूछताछ में पता चला था कि गिरोह का सरगना सुशील, बिट्टू, दिनेश, जाहिद, सुशील व मुकेश (महिला) कानपुर व उसके आसपास जिलों के बार्डर पर हैं। यहीं पर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। चेकिंग के दौरान पांचों को पकड़ लिए गए।
घाटमपुर को बनाया था ठिकाना
महाराजपुर एसओ मुकेश सोलंकी ने बताया बावरियों ने घाटमपुर में डेरा डाल रखा था। यहीं पर रहकर महाराजपुर में सबसे अधिक चोरी व टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम दिया। हर घटना में महिलाएं शामिल रही हैं। जहां रहते हैं, उस इलाके छोड़कर बदमाश आसपास के इलाकों में वारदात करते थे।
कुंभ में श्रद्घालुओं का लूटा था
पुलिस की जांच में एक और खुलासा हुआ। गिरोह के कई सदस्य प्रयागराज की तरफ सक्रिय हैं। इनकी संख्या दस या इससे अधिक हो सकती है। पिछले साल बदमाशों ने कुंभ में श्रद्धालुओं के साथ लूटपाट, चोरी व टप्पेबाजी की दर्जनों घटनाएं की थीं।