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गोवंशी पशु का मांस मिलने पर फतेहपुर में बवाल

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फतेहपुर के बेहटा में मदरसे के बरामदे में की गई तोड़फोड़। अमर उजाला - फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के बेहटा गांव के एक मदरसे में मंगलवार को गोवंशीय पशु का मांस भरी बोरी मिलने पर भीड़ ने मदरसे पर धावा बोल दिया। तोड़फोड़ करते हुए एक कमरे में आग लगा दी। पास के इबादत स्थल पर भी पथराव कर सामान तोड़फोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस व पीएसी ने लाठी भांजकर उत्तेजित लोगों को भगाया। डीएम, एसपी ने पहुंचकर हालात काबू किए। गांव में तनाव को देखते हुए पीएसी व पुलिस की एक टुकड़ी तैनात की गई है। इस मामले में 60 लोगों के खिलाफ बलवा, आगजनी, तोड़फोड़ की रिपोर्ट दरोगा उमाशंकर की ओर से दर्ज की गई है।
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बेहटा गांव निवासी मुश्ताक के घर के पीछे तालाब बना है। तालाब किनारे सोमवार को गोवंशीय पशु की खाल और मांस बरामद हुआ था। पुलिस ने गोकशी के आरोप में मुश्ताक और उसके पड़ोसी अलताफ पर रिपोर्ट दर्ज की थी। इसी तालाब के दूसरे कोने पर मंगलवार की सुबह मांस के टुकड़े पड़े मिले। वहां जुटे लोगों में मांस मिलने की सूचना गुस्सा भड़क गया। कुछ ही देर में बेहटा, शहबाजपुर, जोनिहा, धानेमऊ, सिकदारपुर, उरदौली, बेहटा का पुरवा, हसनापुर गांव के सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। तभी भीड़ से आवाज आई कि मदरसे से दुर्गंध आ रही है। दारुल उलूम गरीब नवाज मदरसा शुक्रवार से बंद था। मदरसे में घुसी भीड़ को चिटकनी लगे कमरे में मांस भरा बोरा मिला। इसपर आक्रोशित भीड़ ने बवाल करना शुरू कर दिया। मदरसे के दूसरे कमरे का ताला तोड़ दिया। मदरसे के टिनशेड, कूलर, पंखे, तख्त, चारपाई सब तोड़ दी। बक्सा तोड़कर सामान फेंक दिया। कपड़ों के ढेर में आग लगा दी गई। इसके बाद भीड़ मदरसे से सौ मीटर दूर बने पुराने इबादत स्थल पर पहुंच गई।
मदरसे के संचालक मौलाना हाफिज अजीज उल्ला खां ने पुलिस और प्रशासन को बताया कि इबादत स्थल में ताला तोड़कर भीड़ घुसी थी। भीड़ ने वहां रखे एयर कंडीशन, टायल्स तोड़ डाले। वह जान बचाकर भाग निकले।
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तोड़फोड़ के दौरान ही एसडीएम विजय शंकर, सीओ अभिषेक तिवारी समेत कई थानों का फोर्स पहुंचा। पुलिस के सामने भड़काऊ नारेबाजी हुई और कुछ लोगों ने पुलिस की ओर भी पत्थर फेंके। भीड़ ने आरोप लगाया कि मदरसे की मिलीभगत से गोकशी हुई है। पुलिस ने लाठी पटककर अराजकता फैला रहे लोगों को खदेड़कर हालात पर काबू पाया। घटना के बाद से गांव में दहशत के बीच कई लोग घर में ताला लगाकर तितर-बितर हो गए। डीएम संजीव सिंह, एसपी रमेश समेत काफी संख्या में पुलिस बल गांव में पहुंच गया। पीएसी गांव में कैंप कर रही है। उधर, इस मामले में दरोगा उमाशंकर की ओर से 60 लोगों के खिलाफ बलवा, आगजनी, तोड़फोड़ की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
डीएम संजीव सिंह व एसपी रमेश का कहना है कि अब गांव का माहौल शांत है। गोकशी के आरोपियों की तलाश की जा रही है। प्रतिबंधित मांस को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। अराजकता फैलाने वालों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। उधर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एसके तिवारी के मुताबिक बरामद मांस प्रथम दृष्टया गोवंशीय पशु का ही माना जा रहा है। पुष्टि के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
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