वहीं, एसएफआईओ की ओर से तर्क रखा गया कि राहुल मुकदमे में मुख्य अभियुक्त है। पब्लिक सेक्टर बैंकों को बड़ा घाटा पहुंचाया है। दूसरी जमानत याचिका में जो तर्क दिए हैं, उन्हीं आधारों पर पहली बार जमानत खारिज की जा चुकी है। सह अभियुक्तों को जमानत मिलने से राहुल जमानत का हकदार नहीं हो जाता। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने राहुल को देश न छोड़ने की हिदायत देते हुए उसकी सशर्त जमानत मंजूर कर ली।