जेसीपी ने बताया कि बांग्लादेशी नागरिकों को संरक्षण देने के मामले में विधायक इरफान सोलंकी के साथ पार्षद मन्नू रहमान भी दोषी हैं। उनका निवास प्रमाण पत्र भी जारी किया था। पुलिस की दो टीमें उसकी तलाश में दबिश दे रही हैं।
परिवार संग जेल भेजे गए बांग्लादेशी नागरिक डॉ. रिजवान के मामले की जांच पूरी हो गई है। पुलिस दो तीन दिन के भीतर अपनी चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर देगी। वहीं पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिकों को संरक्षण देने के मामले में फरार चल रहे पार्षद मन्नू रहमान की तलाश तेज कर दी है।
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मूलगंज पुलिस ने 11 दिसंबर को डॉ. रिजवान मोहम्मद, पत्नी हिना, ससुर खालिद, बेटी रुखसाना और दो नाबालिग बेटों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आर्यनगर स्थित उसके फ्लैट से कई कूटरचित व फर्जी दस्तावेज, भारतीय करेंसी और विदेशी मुद्रा समेत 26 महत्वपूर्ण सबूत जुटाए थे। इसके अलावा प्रतिबंधित दवा डायजापाम की गोलियां भी बरामद हुई थीं। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि डॉ. रिजवान मामले की जांच पूरी हो चुकी है। दो से तीन दिन के भीतर विवेचक को चार्जशीट दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
संरक्षण देने वाला हिस्ट्रीशीटर की तलाश तेज
जेसीपी ने बताया कि बांग्लादेशी नागरिकों को संरक्षण देने के मामले में विधायक इरफान सोलंकी के साथ पार्षद मन्नू रहमान भी दोषी हैं। उनका निवास प्रमाण पत्र भी जारी किया था। पुलिस की दो टीमें उसकी तलाश में दबिश दे रही हैं। मन्नू रहमान मूलगंज थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ 22 आपराधिक मामले दर्ज हैं।