धमाके के साथ फट गया पटाखा
रामबाबू पत्नी के साथ किसी काम से घर से बाहर गए थे। दोनों बच्चे पिता के पास पहुंचे और शौच जाने की बात कहते हुए चाबी ले आए। ताला खोलकर घर के अंदर गए। घर के बाहर आने के बाद छोटे भाई आकाश में पटाखा मुंह में भर लिया और बड़े भाई सूरज ने उसमें आग लगा दी। आग लगते ही पटाखा धमाके के साथ फट गया।
मिस हुआ पटाखा उठा लाए थे बच्चे
इससे आकाश का जबड़ा उड़ गया। जबकि सूरज झुलस गया। पड़ोसियों की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे माता-पिता घायलों को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां पर उपचार के दौरान छोटे बेटे आकाश की मौत हो गई। जबकि सूरज का उपचार किया गया। मृतक के चाचा दुलीचंद्र ने बताया कि दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान आतिशबाजी हो रही थी। वहीं पर मिस हुआ पटाखा पड़ा हुआ था, जिसे बच्चे उठा लाए थे।