खुद को बिजली कर्मी बताकर एयरपोर्ट के एसएसएफ (स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स) जवान के घर में घुसे तीन नकाबपोश बदमाशों ने घर में अकेली रह रहीं उनकी मां को बातों में उलझाकर बंधक बना लिया। तमंचे के बल पर धमकाते हुए नौ लाख के जेवर और 20 हजार नकदी लेकर फरार हो गए। भागने से पहले बदमाशों ने घर के बाहर से कुंडी लगा दी। एसओजी समेत गठित तीन टीमों ने तीन-चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने शुक्रवार देर रात प्राथमिकी दर्ज की गई है।
बदौसा थाना क्षेत्र के नांदन मऊ गांव निवासी अजय पाल चित्रकूट जनपद के एयरपोर्ट में एसएसएफ कांस्टेबल हैं। इस समय वह अपनी पत्नी प्रीति के साथ कर्वी में रहते हैं। उनकी मां रजुलिया देवी (65) शुक्रवार को दोपहर घर में अकेली थीं। तभी मुंह बांधे बाइक से आए तीन युवक दोपहर करीब दो बजे पहले उनके घर के बाहर लगे बिजली के मीटर को देखते रहे। इस पर रजुलिया देवी ने पूछा तो उन्होंने खुद को बिजली कर्मी बताया। इसके बाद तीनों बदमाश वहां से वापस चले गए।
कुछ ही देर बाद वह तीनों रजुलिया देवी के घर पहुंचे। महिला के सिपाही पुत्र ने बताया कि बदमाशों ने मां के हाथ-पैर बांध दिए, मुंह में बनियान ठूस दी। बिस्तर पर बैठने को कहते हुए उन्होंने जेवरों के बारे में पूछा। जान से मारने की धमकी दी। साड़ी का पल्लू गले में फंसाकर उन्हें डरा दिया। अलमारी का लॉकर व बक्से का ताला तोड़कर 20 हजार नकदी व महिला के गले का लॉकेट छीन लिया। कांस्टेबल की 2024 में शादी हुई थी। इससे उनकी पत्नी के बेड के अंदर रखे करीब नौ लाख के सोने चांदी के जेवर लेकर दरवाजे की कुंडी बाहर से बंदकर फरार हो गए।
बाद में महिला किसी तरह पैर खोलकर छत पर पहुंची। उनके शोर मचाने पर पड़ोसियों ने कुंडी खोली। घटना की जानकारी होने पर चित्रकूट से आए कांस्टेबल अजय पाल ने बदौसा थाने में तहरीर दी, डायल 112, अतर्रा थाना व फतेहगंज थाने की पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बताया कि मारपीट व हाथ पैर बांधने की बात सही नहीं है। केवल भयभीत कर लूटपाट की गई है। बदमाशों को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। तीन टीमों को लगाया गया है। तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।