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बांदा में दर्दनाक हादसा: केन नदी में डूबकर भाई-बहन समेत तीन बच्चों की मौत, गड़ना नाले में डूबकर दो लड़कियों की मौत

Tue, 28 Sep 2021 02:57 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा

सार

सूरज के पिता रामफल ने बताया कि सूरज तीन भाइयों में छोटा था। बाबूराम ने बताया कि सीता व उमेश की मौत के बाद एक बेटा इंटू बचा है। प्रशासनिक अफसरों ने पीड़ितों को मदद का आश्वासन दिया।
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मृतक सीता व उमेश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बांदा जिले में महालक्ष्मी पर्व पर मंगलवार को सुबह नौ बजे केन नदी में नहाते समय भाई-बहन समेत तीन बच्चे गहरे पानी में समा गए। तीनों के शव मिल गए हैं। बच्चों को बचाने में उनकी मां समेत चार महिलाएं भी डूबने से बचीं। गिरवां थाना क्षेत्र के कोलावल रायपुर गांव की महिलाएं बच्चों संग महालक्ष्मी पर्व पर स्नान के लिए केन नदी गई थीं।
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नहाते समय बाबूराम का बेटा उमेश (14), बेटी सीता (12) और रामफल का बेटा सूरज उर्फ छोटू (7) गहरे पानी में समा गए। तीनों बच्चों को डूबता देखकर लोगों ने शोर मचाया तो उमेश व सीता की मां कामिनी, सूरज की मां ऊषा व दो अन्य महिलाएं बचाने पहुंचीं, लेकिन डूबने लगीं। मौजूद ग्रामीणों ने चारों महिलाओं को बचा लिया, पर बच्चों को नहीं बचा सके। 

सूचना पर पुलिस गोताखोरों संग पहुंची और डूबे बच्चों की खोजबीन शुरू की। कुछ देर बाद सीता व उमेश के शव मिल गए, लेकिन सूरज का शव पांच घंटे बाद घटनास्थल से तीन सौ मीटर दूर जाल में फंसा मिला। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सूरज के पिता रामफल ने बताया कि सूरज तीन भाइयों में छोटा था। बाबूराम ने बताया कि सीता व उमेश की मौत के बाद एक बेटा इंटू बचा है। प्रशासनिक अफसरों ने पीड़ितों को मदद का आश्वासन दिया।
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बालिका, किशोरी की डूबने से मौत
महालक्ष्मी पूजन के लिए मां के साथ तालाब नहाने गई किशोरी की गड़ना नाले में डूबकर मौत हो गई। उधर, कोतवाली देहात क्षेत्र के जारी गांव में तालाबनुमा गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। बिसंडा क्षेत्र के इटरा मिलौली गांव निवासी अमृता (8) अपनी मां केशकली के साथ मंगलवार को सुबह गड़ना नाला नहाने गई थी।

केशकली स्नान के बाद अन्य महिलाओं के साथ पानी में सूर्य को अर्घ्य देने लगी। इसी बीच तालाब किनारे खड़ी अमृता पैर फिसलने से नाले में गिर गई और डूब गई। जब वह नजर नहीं आई तो मां शोर मचाया। सूचना पर सीओ सियाराम मौके पर पहुंचे और गोताखोरों की मदद से बालिका की तलाश शुरू कराई।

तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बालिका का शव मिला। मृतक बालिका दो बहनों में छोटी थी। भीमराव आंबेडकर विद्यालय में कक्षा-दो में पढ़ती थी। बिसंडा एसओ दिनेश सिंह ने बताया कि परिजनों की मांग पर बिना पोस्टमार्टम के शव परिजनों को साैंप दिया गया है।
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उधर, बबेरू कोतवाली क्षेत्र के टोला कलां गांव निवासी सुरेंद्र वर्मा की पत्नी राधा (6) चार अन्य बच्चों के साथ मटियारा नाला के पास महाबुल दाई विसर्जन करने गई थी। तेज बहाव में वह गई। बच्चों ने घर आकर परिजनों को जानकारी दी। सूचना पर सीओ सियाराम व कोतवाली प्रभारी नगेंद्र कुमार नागर ने गोताखोरों की मदद से बालिका की खोजबीन की, लेकिन 20 घंटे बाद भी बालिका का पता नहीं लगा।

वहीं कोतवाली देहात क्षेत्र के जारी गांव निवासी आनंद द्विवेदी की पुत्री निशा (14) मां के साथ मंगलवार को सुबह गांव में स्थित तालाबनुमा गड्ढे में नहाने गई थी। तभी पैर फिसलने से पानी में समा गई। उसे बचाने में छोटी बहन रानी भी डूबने लगी। वहां मौजूद लोगों ने रानी को बचा लिया, लेकिन निशा की डूबने से मौत हो गई। परिजन ने बिना पोस्टमार्टम के शव वापस घर ले गए। पिता ने आरोप लगाया कि कुछ दिनों पूर्व चोरी-छिपे मिट्टी खुदवाने से गड्ढा गहरा हो गया और बारिश का पानी भर गया।

दो बहनें नदी में डूबते बचीं
बांदा। मटौंध थाना क्षेत्र के दुरेड़ी गांव निवासी लक्ष्मण की पुत्री सोना और उसकी बहन चांदनी मंगलवार को सुबह केन नदी नहाने गई थी। सुचि के दौरान सोना का पैर फिसलने से वह नदी में डूबने लगी। उसे बचाने में चांदनी भी गहरे पानी में समाने लगी। वहां मौजूद अन्य महिलाओं ने दोनों को सुरक्षित बचा लिया। जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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