कहा- नहीं चाहिए नशेबाज पति
इसके बाद मामला थाने पहुंचा, जहां थाना प्रभारी अनिल कुमार ने दोनों पक्षों को अगले दिन पांच दिसंबर को बुलाया। थाने में पंचायत के दौरान भी दुल्हन ने साफ कहा कि मैं शराबी लड़के के साथ जिंदगी नहीं गुजार सकती। ऐसे पति के कारण महिलाओं की जिंदगी नरक बन जाती है। पंचायत में दूल्हन पक्ष ने दहेज में दिया गया सारा सामान मोतीलाल को वापस लौटा दिया।
पिता भी शराब के नशे में थे
गौरी कला निवासी दुल्हन के मौसा जीतू ने बताया कि संजू के पिता रामबाबू की इच्छा थी कि उनकी बेटी की शादी उनके गांव से ही हो, लेकिन दूल्हे के नशे में बर्ताव ने पूरी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। दुल्हन ने यह भी आरोप लगाया कि सिर्फ दूल्हा ही नहीं, बल्कि उसके पिता मोतीलाल भी शराब के नशे में थे। शराबी दूल्हों और बढ़ती नशाखोरी के सामाजिक परिणामों पर यह मामला एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
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दुल्हन के साहसिक फैसले को स्थानीय लोगों ने खूब सराहा
वहीं, दुल्हन संजू के साहसिक फैसले को स्थानीय लोग खूब सराह रहे हैं। थाना प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि परिजनों ने युवती को समझा पर युवती द्वारा शराबी युवक से शादी के इंकार के बाद शादी टूट गई। दोनों पक्षों ने आपस में सुहल-समझौता कर जो भी सामान लिया-दिया था, वह आपस में बदल लिया।