पुलिस नवजात को लेकर सीएचसी पहुंची, यहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। नवजात शिशु ( लड़का) था। मां मैना ने बताया कि सोमवार रात उसके बेटे को बुखार था। पति जलालुद्दीन से इलाज के लिए कहा था, लेकिन नहीं ले गया। बाद में वह सो गई। बताया कि सुबह जब उसकी नींद खुली तो बच्चा गायब था।
पति से बच्चे के बारे में पूछा तो पति ने कोई जवाब नहीं दिया। इसलिए उसने मोहल्ला के लोगों को बुला लिया और अपने बच्चे के बारे में गांव वालों को बताया। गांव के सारे लोग इकट्ठे हो गए। जलालुद्दीन मजदूरी करता है। जिसके दो पुत्र व एक पुत्री है। गांव वालों के मुताबिक यह पति, पत्नी मानसिक रूप से विक्षिप्त हैं।
आरोपी पिता ने पुलिस को बताया कि पहले उसके बेटे को बुखार के कारण शरीर गर्म था बाद में तड़के शरीर ठंडा हो गया था। उसे लगा कि बेटे की मौत हो गई है। इसलिए वह बगैर किसी को बताए तड़के बच्चे को खेतों में बह रही नाली में दबा आया था। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनोज शुक्ला ने बताया कि बच्चे का पोस्टमार्टम होने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि पिता द्वारा इसे मरने के बाद पानी में डाला गया है या पानी में फेंकने के बाद इसकी मृत्यु हुई है। अभी आरोपी पिता और मृतक शिशु की मां से पूरी जानकारी ली जा रही है। पीएम रिपोर्ट मिलने या आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार करने के बाद कार्रवाई की जाएगी। घटना से पूरे गांव में आरोपी के प्रति गुस्से का माहौल बना है।