बांदा जिले में अनाथ बहनों की मनुहार सुन डीएम भी पसीज गए। शनिवार को कलक्ट्रेट पहुंची जसपुरा ब्लॉक के तंगा मऊ की गांव की वंदना ने बताया कि चार साल पहले पिता की मौत हो गई थी। दो वर्ष पहले दुर्घटना में उसकी मां की भी मौत हो गई। तब से छोटी बहन गंभीर बीमारियों से ग्रसित हो गई। पूर्व में भी डीएम द्वारा जिला अस्पताल में भर्ती करवाकर इलाज कराया था।
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चिकित्सालय में 10 दिन रखकर इलाज के नाम पर मात्र औपचारिकता ही की गई। नतीजतन बहन उसी रोग से पुन: पीड़ित हो गई। इसलिए आज वह पुन: आईं हैं। जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने अपनी एस्कॉट गाड़ी से पीड़ित बच्ची और संरक्षक बहन को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा। वंदना ने बताया कि मां के दुर्घटना क्लेम का भुगतान का पैसा जो कि दादी के साथ संबंधित खाते में पड़ा हुआ है। इसका भुगतान ब्रांच बैंक मैनेजर द्वारा नहीं किया गया।