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Kanpur News: किडनी कांड में आरोपी डॉक्टर दंपती समेत तीन की जमानत अर्जी खारिज

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जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान तीनों आरोपियों ने खुद को झूठा फंसाए जाने का तर्क रखा
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कोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी

कानपुर। अवैध किडनी ट्रांसप्लांट में आरोपी आहूजा अस्पताल की मालकिन नवीन नगर काकादेव निवासी डॉ. प्रीति आहूजा, उनके पति डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा और अस्पतालों में मरीजों को लाने-ले जाने व शिफ्ट करने का काम करने वाले आईआईटी कल्याणपुर निवासी शिवम अग्रवाल की जमानत अर्जी जिला जज अनमोल पाल ने शुक्रवार को खारिज कर दी।

जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान तीनों आरोपियों ने खुद को झूठा फंसाए जाने का तर्क रखा। डॉक्टर दंपती की ओर से अधिवक्ता ने तर्क रखा कि मानव अंग और ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम के तहत जांच विशेष अधिकारी द्वारा ही की जा सकती है। पुलिस न तो रिपोर्ट दर्ज कर सकती है और न ही जांच। वहीं, डीजीसी ने अर्जी का विरोध करते हुए तर्क रखा कि डॉक्टर दंपती पर बीएनएस के तहत भी अपराध मानकर रिपोर्ट दर्ज की गई है और इसमें पुलिस को जांच का अधिकार है। जांच में सामने आया है कि अस्पताल डॉ. प्रीति के नाम रजिस्टर्ड है और डॉ. सुरजीत भी अस्पताल प्रबंधन का काम देखते हैं। किडनी ट्रांसप्लांट के लिए ऑपरेशन आहूजा अस्पताल में ही हुआ जिसके लिए डॉक्टर दंपती ने फीस भी ली। अपराध छिपाने के लिए ऑपरेशन के बाद किडनी देने और लेने वाले को पनकी रोड स्थित प्रिया अस्पताल ट्रामा सेंटर व मेड लाइफ अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। ऑपरेशन के दौरान सीसीटीवी कैमरे भी बंद कर दिए गए थे। गवाहों ने भी अपने बयानों में इन सभी तथ्यों को स्वीकार किया है। वहीं, शिवम की भूमिका चालक की रही है जो मरीज को शिफ्ट करता था सारी व्यवस्थाएं देखता था। किडनी देने वाले के खाते में साढ़े तीन लाख रुपये शिवम द्वारा ही जमा किए गए थे जिसका सीसीटीवी फुटेज भी मिला है। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने गंभीर अपराध मानते हुए तीनों की जमानत अर्जियां खारिज कर दीं।
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मिलावटखोरी में दो भाइयों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज

कानपुर। श्री साईं स्वादिष्ट सुपाड़ी के मालिक सुमित अग्रवाल व चाय पैकिंग का काम करने वाले अमित सेल्स कॉरपोरेशन के मालिक अमित अग्रवाल की अग्रिम जमानत अर्जियां अपर जिला जज 15 मुकेश कुमार सिंह ने खारिज कर दी हैं।
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एडीजीसी ने बताया कि पान मसाला मिश्रण, बाबू सुगंधित सुपाड़ी व अन्य के साथ श्री साईं स्वादिष्ट सुपाड़ी की बिक्री की जाती है इसमें श्री साईं स्वादिष्ट सुपाड़ी की गुणवत्ता पर संदेह होने पर नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया था। जिसे खाद्य विशलेषक लखनऊ ने रिपोर्ट में हानिकारक व मानक के विपरीत बताया था। इसी तरह चाय पैकिंग के नमूने भी गुणवत्ताविहीन मिलने पर दोनों के खिलाफ खाद्य विभाग की ओर से वर्ष 2016 में परिवाद दर्ज कराया गया था। दोनों भाई कोर्ट में हाजिर नहीं हुए इससे मुकदमे की सुनवाई शुरू नहीं हो पा रही है। इनके खिलाफ वारंट भी जारी था। (संवाद)
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