कानपुर जिले में सामने आए 3200 करोड़ रुपये के बहुचर्चित अवैध लेनदेन मामले में मुख्य आरोपी को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। मामले के मुख्य अभियुक्त महफूज उर्फ पप्पू छुरी के बेटे और 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी फैज आलम की दो अलग-अलग जमानत अर्जियों को न्यायालय ने सिरे से खारिज कर दिया है।
फर्जी बैंक खाते खुलवाकर करोड़ों के लेनदेन
अदालत में मामले की पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि इस पूरे फर्जीवाड़े को लेकर चकेरी के स्क्रैप कारोबारी अजय शुक्ला और जाजमऊ निवासी मोहम्मद आजम ने अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा था जेल
जब पीड़ितों को उनके नाम पर हुए इस विशालकाय फर्जीवाड़े और आयकर विभाग के नोटिस का पता चला, तब उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला दर्ज होने के बाद आरोपी फैज आलम लगातार फरार चल रहा था, जिस पर पुलिस प्रशासन की ओर से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
अपराध की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने खारिज की जमानत
कोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने अपराध की गंभीरता, 3200 करोड़ रुपये के विशालकाय आर्थिक साम्राज्य और फर्जीवाड़े के साक्ष्यों को मजबूती से अदालत के सामने रखा। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों का गहन अनुशीलन करने के बाद माना कि आरोपी पर लगे आरोप बेहद गंभीर प्रकृति के हैं।