फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बबुली का साथी सोहन तीन दिन की रिमांड पर, कबूले कई राज

विज्ञापन
विज्ञापन
चित्रकूट। मध्यप्रदेश पुलिस के साथ पांच दिन पूर्व हुई मुठभेड़ में मारे गए छह लाख के इनामी डाकू बबुली कोल गैंग के एक लाख के इनामी डाकू सोहन कोल को बृहस्पतिवार को यूपी पुलिस ने मुठभेड़ में दबोचने के बाद शुक्रवार को एंटी डकैती कोर्ट में पेश कर पांच दिन की रिमांड मांगी। कोर्ट ने एक घंटे की सुनवाई के बाद सोहन को तीन दिन के लिए पुलिस रिमांड में सौंप दिया।
विज्ञापन

रिमांड में लेने के बाद पुलिस ने जब सोहन से पूछताछ शुरू की तो उसने पहले ही दिन कई सफेदपोश राजनीतिक दलों के नेताओं के नाम लिए, जिनसे बबुली गैंग का संपर्क था। सूत्रों ने बताया कि गैंग को असलहे, कारतूस और नगदी से लेकर कई सुविधाएं कुछ राजनीतिक दल के नेताओं के इशारे पर पहुंचाने की बात भी सोहन ने बताई है। इसके अलावा कई प्रभावशाली लोगों के नाम के साथ ही उनके मोबाइल नंबर भी सोहन ने पुलिस को मुहैया कराए हैं। प्रभावशाली लोगों के नाम आने पर एसपी चित्रकूट मनोज झा ने सूची तैयार की है। एसपी ने बताया कि इसी आधार पर इन सफेदपोशों से पूछताछ की जाएगी।
लाले कोल के सरेंडर पुलिस ने नकारा---
बबुली गैंग का सदस्य लाले कोल पुत्र मलका कोल मध्यप्रदेश पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया है। सूत्र का कहना है कि मारकुंडी थाना क्षेत्र के हरषेड़ का रहने वाला लाले अपने साथी सोहन और संजय के साथ मिलकर गैंग सरगना बबुली और लवलेश को मौत के घाट उतारने के बाद धारकुंडी पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था। इस बात का लाले की मां का वीडियो भी वायरल हुआ था। मां व पड़ोसी ने बताया कि बबुली व लवलेश को मारकर लाले उनके पास आया, फिर एमपी पुलिस के सामने सरेंडर कर गया, लेकिन एमपी पुलिस इस बात को स्वीकार नहीं कर रही है। सतना एसपी रियाज इकबाल का कहना है कि लाले फरार है, तलाश की जा रही है।
विज्ञापन

सीमा विवाद की तरह ही फंसा इनाम भी---
जिस तरह डकैत यूपी-एमपी सीमा का लाभ उठाकर वारदात करते थे, ठीक उसी तरह अब बबुली कोल व लवलेश कोल को जिंदा या मुर्दा लाने वाले को मिलने वाला सात लाख 80 हजार का इनाम विवादों में फंस गया है। बृहस्पतिवार को चित्रकूटधाम मंडल के डीआईजी दीपक कुमार व एसपी मनोज झा की प्रेस वार्ता के बाद बाहर निकले डाकू सोहन ने कई बार कहा कि छह लाख के इनामी बबुली व एक लाख 80 हजार के इनामी लवलेश को उसने मारा है। डीआईजी ने भी बताया कि इनाम व प्रमोशन का मामला अभी कई जांच के बाद ही तय होगा।
अब डाकू संजय, छोटा और लाले की तलाश
चित्रकूट। डाकू बबुली के मारे जाने व उसके गैंग के सदस्यों के पकडे़ जाने की कहानी पल-पल बदल रही है। दो प्रदेश की पुलिस डकैतों के सफाए की वाहवाही का श्रेय लूटने पर लगी है, लेकिन डकैतों के बोल पुलिस टीम के गले की फांस बनते जा रहे हैं।
इनामी डाकू बबुली कोल व लवलेश को एनकाउंटर में मारने का दावा करने वाली मध्यप्रदेश पुलिस के दावों की हवा बबुली के साथी लाले कोल की मां ने मीडिया के सामने आकर निकाल दी थी। उसने कहा था कि लाले ने ही दोनों को मारा है। फिर बृहस्पतिवार को चित्रकूट पुलिस के साथ मुठभेड़ में पकड़े गए बबुली गैंग के एक लाख के इनामी सोहन कोल ने भी बबुली व लवलेश को खुद मारने की बात कह मामले को नया मोड़ दे दिया है। सोहन के पास से गैंग के सभी हथियार बरामद भी पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। अब बबुली गैंग के बाकी बचे डाकुओं को पकड़ने के लिए एमपी और यूपी पुलिस के बीच होड़ लगी हुई है। बबुली व लवलेश के मारे जाने के बाद गैंग के बचे तीन सदस्यों संजय, छोटा और लाले की तलाश पुलिस कर रही है।
इंसेट---
रीवा जोन के आई एक माह के अवकाश पर ---
बबुली और लवलेश को मुठभेड़ में मौत के घाट उतारने के बाद रीवा जोन के आईजी चंचल शेखर के एक माह के अवकाश पर जाने से कई तरह की चर्चाओं को भी बल मिला है। एसपी सतना रियाज इकबाल ने बताया कि आईजी ने एक माह पहले ही अवकाश का प्रार्थना पत्र अफसरों को भेजा था। उन्होंने खुद भी काफी पहले से अवकाश का प्रार्थना पत्र स्वीकृत के लिए भेजा है। डकैतों के मामले में इसे जोड़ना सही नहीं है।
इंसेट---
बबुली-लवलेश को लगी गोलियों को जांच को भेजा
डकैत बबुली व लवलेश के शवों का 17 सितंबर को पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों ने बताया था कि शव 24 घंटे पहले के हैं। वहीं पुलिस का दावा था कि 16 सितंबर की रात को लेदरी के जंगल में मुठभेड़ में दोनों मारे गए हैं। दोनों के सिर पर गोली लगी है। डकैतों के शरीर में लगी गोलियां किस हथियार की हैं, इसकी जांच सागर फोरेंसिक लैब से कराई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें