यूपीएमआरसी ने देश में पहली बार ट्विन पियर कैप का इस्तेमाल कर वाशिंग प्लांट तैयार किया है। इनमें इटली के ब्रश लगेंगे। इन ब्रश से बुलेट ट्रेनों की भी सफाई होती है।
डिपो में मेट्रो ट्रेनों की सफाई इटली के ब्रश से होगी। ब्रश मंगाए गए हैं। डिपो में आटोमेटिक वाशिंग प्लांट लगाया जा रहा है। गीता नगर स्टेशन से डिपो में पहुंचते ही वाशिंग प्लांट में धुलती हुई ट्रेन आगे बढ़ेगी। करीब पांच मिनट में पूरी ट्रेन की धुलाई हो जाएगी।
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खास बात यह है कि धुलाई में इस्तेमाल होने वाला पानी बर्बाद नहीं होगा। बार-बार उपयोग में लाया जाता रहेगा। यूपीएमआरसी ने देश में पहली बार ट्विन पियर कैप का इस्तेमाल कर वाशिंग प्लांट तैयार किया है। इनमें इटली के ब्रश लगेंगे। इन ब्रश से बुलेट ट्रेनों की भी सफाई होती है।
ब्रशों के बीच से तीन किलोमीटर की रफ्तार से ट्रेन गुजरेगी और धुलती जाएगी। आगे लगे ब्रश ट्रेन को सुखाने का काम करेंगे। इसके अलावा पानी को शोधित कर दोबारा उपयोग लायक बनाने के लिए दो ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किए गए हैं। केमिकल युक्त पानी को शोधित करने के लिए 70 हजार लीटर प्रतिदिन की क्षमता का एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है।
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सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी तैयार
डिपो से निकलने वाले गंदे पानी को शोधित करने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) भी बनाया गया है। सीवेज को भी शोधित कर सिंचाई आदि के लिए उपयोग में लाया जाएगा। प्लांट की क्षमता प्रतिदिन 10 हजार लीटर है।