मौत की वजह स्पष्ट होने पर होगी अग्रिम कार्रवाई
वहीं, फोरेसिंक टीम की जांच में अनिल का मोबाइल फोन, पर्स और चप्पलें नहीं मिली। ऑटो के अंदर एक चप्पल मिली, जो उसकी नहीं थी। सूचना मिलने पर मां राजेश्वरी, भाई विपिन व राहुल, विवाहित दोनों बहने शिल्पी व प्रियंका रोते बिलखते घटनास्थल पर पहुंचीं। साढ़ प्रभारी निरीक्षक अवनीश कुमार सिंह ने बताया कि इत्फाकिया दर्जकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत की वजह स्पष्ट होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अनिल ऊबड़ खाबड़ चकरोड पर ऑटो लेकर क्यों पहुंचा
अनिल उर्फ मिथुन का शव जिस कच्चे चकरोड पर ऑटो के नीचे दबा मिला है, वहां आसपास के किसान ही आते-जाते हैं। मुख्य मार्ग को छोड़कर वह ऊबड़ खाबड़ कच्चे चकरोड पर ऑटो लेकर क्यों पहुंचा। अगर दुर्घटना होती, तो ऑटो में कहीं न कहीं खरोंच और मिट्टी जरूर लगी होती, घटनास्थल पर उसकी चप्पल व मोबाइल फोन भी नहीं मिला। यह सारे सवाल घटना के बारे संदेह पैदा कर रहे हैं।
सीएनजी भराते समय ऑटो में तीन युवक दिखे थे
भाई विपिन ने बताया मंगलवार की शाम घर न पहुंचने पर अनिल ने फोन पर कोरथा गांव से छह सौ रुपये में बुकिंग लेकर सरसौल जाने की बात बताई थी। इसके बाद साढ़ कस्बे के पंप पर शाम 07:38 बजे सीएनजी भराया, उस वक्त ऑटो में तीन युवक बैठे दिख रहे हैं। रात में 11:23 बजे भाभी ने भी अनिल को फोन कर रात में सरसौल में बहनोई के घर रुकने की सलाह दी थी। इसके तुरंत बाद 11:24 बजे अनिल ने सरसौल निवासी बहनोई संजय को फोन कर कहा कि बुकिंग लेकर आ रहा, रात में वहीं रुकेगा।
मोबाइल की लोकेशन घटनास्थल से छह सौ मीटर दूर मिली
अनिल के लोवर व टी शर्ट की जेब में मोबाइल फोन न मिलने पर पुलिस ने सर्विलांस की मदद ली। मोबाइल की लोकेशन घटनास्थल से छह सौ मीटर दूर बरईगढ़ गांव की ओर पूर्व दिशा में मिली। बुधवार सुबह नौ बजे तक परिजन और पुलिस की रिंग जाती रही, इसके बाद फोन स्विच ऑफ बताने लगा।