फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur News: तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से ऑटो पलटा, दो छात्राओं की मौत, दो गंभीर

Sat, 07 Feb 2026 02:21 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
सरवनखेड़ा (कानपुर देहात)। गजनेर थाना क्षेत्र के गजनेर-नवीपुर मार्ग पर कौसम मोड़ के पास शुक्रवार सुबह परीक्षार्थियों को लेकर जा रहे ऑटो में सामने से आए गैस सिलिंडर लदे ट्रक ने टक्कर मार दी। इससे ऑटो सड़क किनारे पलट गया। हादसे में एक छात्रा की मौके पर मौत हो गई जबकि चालक व तीन परीक्षार्थी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों के मेडिकल काॅलेज अकबरपुर लाया गया। वहीं देर शाम एक घायल छात्रा की कानपुर हैलट अस्पताल में मौत हो गई। इधर घटना से नाराज लोगों ने सड़क जाम कर हंगामा किया। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
विज्ञापन

राजकीय इंटर काॅलेज रनियां के इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों की शुक्रवार को बीएमएस इंटर कॉलेज कठेठी में रसायन विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा होनी थी। प्रयोगात्मक परीक्षा में जाने के लिए छात्रा रितू पुत्री शिव कुमार यादव उर्फ नेता ग्राम महमऊ थाना रनिया, दीक्षा पुत्री विनोद कुमार निवासी शिवाजी नगर रनियां, खुशी पुत्री गुलाब सिंह निवासी रनियां, अभय कुमार पुत्र मनोज निवासी किसरवल रनियां एक ऑटो को बुक कर कठेठी आ रहे थे। जैसे ही यह लोग गजनेर थाना क्षेत्र के कौसम के पास पहुंचे, तभी सामने से आए ट्रक से ऑटो की टक्कर हो गई।
ऑटो पलटने से चीख पुकार मच गई। पास के लोग दौड़ कर मौके पर पहुंचे। किसी तरह से घायल चालक मनोज पुत्र परशुराम निवासी किसरवल और परीक्षार्थियों को बाहर निकाला। सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां पर डॉक्टर ने रितू (17) को मृत घोषित कर दिया। वहीं खुशी (17) को गंभीर हालत में कानपुर हैलट रेफर किया गया। जहां दोपहर को उसकी भी मौत हो गई। वहीं अभय व दीक्षा का इलाज चल रहा है। इधर घटना को लेकर लोगों में आक्रोश दिखा। लोगों ने मार्ग पर लकड़ी के मोटे मोटे टुकड़े डालकर जाम लगा दिया।
विज्ञापन

जाम की सूचना मिलते ही गजनेर थानाध्यक्ष जनार्दन प्रताप सिंह, सीओ संजय सिंह, एएसपी राजेश पांडेय भी मौके पर जा पहुंचे। एएसपी के सामने लोग ब्रेकर बनवाए जाने की मांग करते रहे। एएसपी ने सभी को समझाकर शांत कराया। एएसपी राजेश पांडेय ने बताया कि हादसे में दो छात्राओं की मौत हुई है। हादसे करने वाले चालक को हिरासत में लिया गया है। ट्रक भी पुलिस के कब्जे में है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
......................
सड़क किनारे अतिक्रमण, अक्सर होते हादसे
गजनेर-नवीपुर मार्ग पर कौसम मोड़ पर हुए हादसे के बाद लोगों ने जहां ब्रेकर बनवाए जाने की मांग की। वहीं लोगों का कहना है कि सड़क किनारे अतिक्रमण रहता है। मोड़ पर वाहन के आने पर सामने से आने वाला वाहन दिखाई नहीं देता। इससे अक्सर हादसे होते हैं। शुक्रवार सुबह भी छात्रों से भरे ऑटो के ट्रक से टकराने की वजह भी यही होना बताया। स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब 10 साल पहले सिंगल रोड के दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा ने यात्रियों की सुविधा के लिए मार्ग के किनारे यात्री प्रतीक्षालय बनवाया था। सिंगल रोड की वजह से यह सड़क से दूर था लेकिन सड़क के चौड़ीकरण के दौरान यह प्रतीक्षालय सड़क के बिल्कुल नजदीक आ गया। वहीं, कुछ ग्रामीणों ने यात्री प्रतीक्षालय की आड़ में दुकानें बना ली। इससे गजनेर से नवीपुर की ओर जाने वाले वाहन चालकों को नवीपुर की ओर से आने वाले वाहन दिखाई नही देते है और हादसे का खतरा बना रहता है। पूर्व में इसी मोड़ पर कई हादसे हो चुके है। इस पर एएसपी ने अतिक्रमण को हटाने के निर्देश पुलिस को दिए है।
...................
दूर केंद्रों होने पर भी जताई नाराजगी
हादसे के बाद परीक्षार्थियों के दूर केंद्र बनाए जाने पर लोगों में नाराजगी दिखी। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया कि छात्राओं की परीक्षाएं वहीं होनी चाहिए, जहां वह पंजीकृत हैं। इसके बाद भी राजकीय इंटर काॅलेज रनियां की छात्राओं को प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए 25 किलोमीटर दूर भेजा गया। यदि उनके स्कूल में ही प्रयोगात्मक परीक्षाएं होती तो शायद हादसा न होता।
.........................
अफसर बनना चाहती थीं खुशी, घर पर छाया मातम
छात्रा खुशी की मौत की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मामा राजेश उर्फ राम जी ने बताया कि हादसे में खुशी के घायल होने पर मेडिकल कॉलेज अकबरपुर लाया गया था। यहां से उसे कानपुर हैलट रेफर किया गया था। यहां आने पर उसकी मौत हो गई। मामा ने बताया कि जीजा गुलाब सिंह मूल रूप से देवपुरा साड़ घाटमपुर के रहने वाले हैं। कई वर्षों से रनियां में मकान बनाकर रह रहे हैं और एक फैक्टरी में काम करते। खुशी राजकीय इंटर कॉलेज रनियां में इंटर की पढ़ाई कर रही थी। इधर बेटी की मौत पर मां ज्ञानवती, पिता गुलाब सिंह, भाई कृष्णा, छोटी बहन अंशिका बिलखते रहे। राजेश ने बताया कि वह उसे आगे की पढ़ाई के लिए प्रेरित करते थे, वह कहती थी मामा एक दिन अफसर बनकर दिखाएंगे। वहीं वह पुलिस में जाने के लिए तैयारी भी कर रही थी।
..................
रितू की मौत पर बदहवास रहे माता-पिता
बेटी रितू की हादसे में जान चली जाने की जानकारी मिलते ही पिता शिव कुमार यादव उर्फ नेता बदहवास हो गए। वहीं मां नीलम, छोटे भाई आर्यन का हाल बेहाल रहा। पिता ने बताया कि वह मूल रूप से ग्राम महमऊ थाना रनिया के रहने वाले हैं। वर्तमान में रनियां थाना के पीछे मकान बना कर रह रहे हैं। रितू सबसे बड़ी बेटी थी। उसे पढ़ा लिखा कर काबिल बनाने का सपना देखा था। सुबह वह खुशी-खुशी परीक्षा देने के लिए निकली थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें