किसान ने भागने का किया था प्रयास
अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा ने सदर कोतवाली में प्रेसवार्ता कर बताया कि 14 फरवरी की रात को जब अर्जुन अपने खेत में फसल की रखवाली करने गया था। तभी अंधेरे का फायदा उठाकर भानू वहां पहुंचा। आहट पाकर किसान जैसे ही उठा, आरोपी ने उसकी आंखों में लाल मिर्च का पाउडर झोंक दिया। आंख से न दिखने पर किसान ने भागने का प्रयास किया।
चेहरा और सिर बुरी तरह कूंचा
इसी आरोपी भानू ने पास पड़ी ईंट से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। किसान के जमीन पर गिरते ही आरोपी ने उसी की टॉर्च से उसका चेहरा और सिर बुरी तरह कूंच दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मंगलवार को कोतवाल ललितेश नारायन त्रिपाठी फोर्स के साथ गश्त कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर आरोपी को कानपुर-इटावा हाईवे स्थित गांव प्रतापपुर पुल के पास से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल ईंट, खून से सनी टॉर्च और दो मोबाइल फोन बरामद कर लिए।
कातिल की चालाकी, रची झूठी कहानी
हत्या करने के बाद आरोपी ने शातिर दिमाग का इस्तेमाल किया। उसने अर्जुन के ही फोन से उसके छोटे भाई को कॉल की और आवाज बदलकर कहा किसान को को किसी जंगली जानवर ने टक्कर मार दी है, वह मर गया है। गुमराह करने की इस कोशिश के बाद वह मोबाइल लेकर फरार हो गया।