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विवादित जमीनों पर कब्जे का पाठक परिवार का रहा पुराना नाता, रसूख के आगे पीड़ितों की नहीं हुई सुनवाई

Wed, 18 Mar 2020 06:42 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
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सपा एमएलसी कमलेश पाठक - फोटो : अमर उजाला
औरैया जिले के मोहल्ला नारायनपुर में जिस हनुमान मंदिर की जमीन को लेकर एमएलसी कमलेश पाठक और उनके परिवार ने घटना को अंजाम दिया। यह उनके लिए कोई नया मामला नहीं हैं। सत्ता की हनक से पाठक परिवार रसूखदार हुआ तो देव स्थलों और विवादित जमीन पर अपना आधिपत्य जमाना शुरू किया। इस दौरान असल जमीन मालिकों ने विरोध किया, लेकिन वह न्याय पाने में कामयाब नहीं हो सके।

किसी को धमकाकर शांत किया गया, कोई अधिकारियों के चक्कर लगा-लगाकर थककर हार गया। रविवार को जिस हनुमान मंदिर की जमीन को लेकर झगड़ा हुआ, उस जमीन को पीड़ित परिवार न तो अपना बता रहा है और अपना हक जता रहा है। पीड़ित परिवार और मोहल्ले के लोगों की माने तो मंदिर पोखर सिंह बगिया के नाम से दर्ज है।
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औरैया डबल मर्डर  - फोटो : अमर उजाला
मंदिर के आसपास की जमीन भजौड़ी सिंह और मथुरा प्रसाद लंबरदार परिवार की है। इस जमीन को हथियाने की साजिश सपा एमएलसी कमलेश पाठक के छोटे भाई रामू पाठक ने रची थी, जिसका फर्जी तरीके से पत्नी समेत तीन लोगों के नाम बैनामा भी कराया और इस जमीन पर मॉल खोलने की तैयारी है।

जिसका विरोध मोहल्ले के लोग कर रहे हैं। एक मात्र विरोध ही मुख्य घटना की वजह है। इस जमीन को हथियाने से पहले रामू पाठक दो बार पहले भी अन्य मंदिरों में कब्जा कर चुके हैं। इसमें फफूंद रोड पर साला गांव में प्रसिद्ध मंदिर के आसपास दो बीघा जमीन पर लोगों को धमकाकर कब्जा किया और वहां प्लाटिंग की।
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औरैया में खूनी संघर्ष, दो की मौत - फोटो : अमर उजाला
इसके साथ ही बीहड़ स्थित देवकली मंदिर पर भी रामू पाठक ने अपने बड़े भाई की राजनीतिक पहुंच के चलते कब्जा किया। मंदिर के  लाखों के चढ़ावे के अलावा मंदिर के आसपास की चार बीघा जमीन पर भी कब्जा किया। इसके लिए वहां पहले से मौजूद महंत बच्ची महाराज को धमकाकर व पीटकर सपा एमएलसी कमलेश पाठक उनके भाइयों ने भगा दिया।

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औरैया में खूनी संघर्ष, दो की मौत - फोटो : अमर उजाला
जहां अपने सगे भाई ललित पाठक को महंत पद पर आसीन कर मंदिर पर कब्जा जमाया। वहां भी विरोध हुआ, लेकिन किसी की न चली। यही नहीं शहर में कानपुर रोड पर गौरैया तालाब पर शिव मंदिर की देखरेख कर रहे लोगों की माने तो मंदिर के 1920 के कागजों के अनुसार मंदिर के नाम लगभग चार बीघा जमीन है।
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औरैया डबल मर्डर  - फोटो : अमर उजाला
इस जमीन का धोखाधड़ी कर वीरेंद्र चौधरी ने अपने नाम कागज बनाए। लेकिन मंदिर की जमीन पर विरोध के चलते कब्जा नहीं कर सके। इसको लेकर स्थानीय निवासियों ने एसडीएम कोर्ट में 2007 में रिट दायर की थी। साथ ही वर्ष 2017 में मंदिर की देखरेख करने वालों ने प्रदर्शन भी किया था।
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औरैया डबल मर्डर  - फोटो : अमर उजाला
मामला एसडीएम कोर्ट में चला। पर लोगों का विरोध सपा एमएलसी के रसूख के आगे दब गया। बाद में सपा एमएलसी कमलेश पाठक के भाई पूर्व ब्लॉक प्रमुख संतोष पाठक ने इस जमीन पर अपना कब्जा जमाया। इसमें कथावाचक राजेश शुक्ला भी शामिल है। संतोष पाठक ने ही कथावाचक का मकान वहां बनवाया और प्लाटिंग शुरू कर दी।
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