कानपुर जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस थर्ड ईयर के छात्र की पिटाई से आहत जूनियर छात्र ने सोमवार सुबह गंगा बैराज से कूदकर आत्महत्या की कोशिश की। हालांकि लोगों ने कूदने से पहले ही उसे पकड़ लिया। चर्चा यह भी रही कि जूनियर छात्र ने हॉस्टल में भी फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की थी। प्रॉक्टर ने शुरुआती जांच के आधार पर सीनियर छात्र को निकाल दिया गया है। प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार ने जांच कमेटी भी गठित कर दी है। कॉलेज प्रबंधन इसे रैगिंग नहीं व्यक्तिगत झगड़ा बता रहा है।
प्रबंधन के मुताबिक रविवार रात एमबीबीएस सेकेेंड ईयर का छात्र अतुल कुमार अपने हॉस्टल (बीएच-वन) के 41 नंबर कमरे में पढ़ रहा था। रात आठ बजे बीएच-3 में रहने वाला पैरा एच-2 थर्ड ईयर का छात्र सुमित पासवान अतुल कुमार के कमरे में पहुंचा और बेल्ट व डंडे से पीटना शुरू कर दिया। चीख पुकार सुनकर दूसरे छात्र पहुंचे तो सुमित हॉस्टल से भागते नजर आया। इसके बाद अतुल ने बीएच-2 के वार्डन डॉ. प्रगनेश कुमार को जानकारी दी। वे लोग सुमित के कमरे में पहुंचे तो वह नहीं था, मोबाइल भी बंद था। अन्य छात्रों के मुताबिक इस घटना के बाद अतुल अवसाद में आ गया। सुबह वह गंगा बैराज पहुंच गया। वहां से छलांग लगाने वाला था लेकिन लोगों ने उसे पकड़ लिया और टेंपो से हॉस्टल ले आए। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि वह हॉस्टल में ही था। सूचना पर अतुल के घरवाले भी पहुंच गए और उसे अपने साथ लेकर चले गए। प्रॉक्टर डीडी यादव ने बताया कि अतुल मूल रूप से फैजाबाद का रहने वाला है, लेकिन उसका एक भाई कल्याणपुर में रहता है। वह वहीं गया है। डॉ. यादव ने बताया कि सुमित को क्लास से निलंबित और हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है। अतुल ने पूछताछ में इसे व्यक्तिगत मामला बताया है। रैगिंग जैसी कोई बात नहीं है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।