कानपुर में नौबस्ता थाना क्षेत्र के मछरिया निवासी शीबू अली पर धर्मपरिवर्तन न करा पाने पर महिला ने बेटी पर चाकू से हमला करने का आरोप लगाया है। पीड़िता की मां ने शनिवार को थाने पहुंचकर बताया कि बेटी ने धर्मपरिवर्तन करने से मना कर दिया तो 14 अगस्त को शीबू ने उसे चाकू मारकर घायल कर दिया।
जूही लाल कॉलोनी निवासी पीड़िता ने बताया कि शीबू ने खुद को सचिन बताकर बेटी को अपने जाल में फांसा था। इसके बाद 2016 में बेटी को लेकर नोएडा चला गया। वह बेटी पर प्रतिबंधित मांस खाने का दबाव डालता था।
एक दिन बेटी ने उसे मस्जिद से निकलते देख लिया। इसके बाद सारी सच्चाई सामने आ गई। बेटी उसे छोड़कर आना चाहती थी, लेकिन उसे बंधक बना लिया। 2017 में वह किसी तरह घर आई। पीछा करते हुए शीबू भी आ गया।
14 अगस्त को शीबू अपने भाई इरशाद के साथ साकेत नगर डब्ल्यू ब्लॉक पहुंचा और बेटी को मिलने बुलाया। इरशाद ने बेटी को पीछे से पकड़ लिया और शीबू ने चाकू से हमला कर दिया। मां का आरोप है कि पुलिस ने सिर्फ शीबू के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा में जेल भेज दिया। इरशाद आज तक फरार है। एसपी साउथ ने बताया कि महिला को बुलाकर पूछताछ की जाएगी। जरूरत पड़ी तो इस मामले की भी जांच एसआईटी से कराई जाएगी।
कहां गया मोबाइल
मां ने बताया कि घटना के वक्त बेटी के पास स्मार्ट फोन था। इसी फोन से किसी पुलिसकर्मी ने उन्हें घटना की जानकारी दी थी। बेटी को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद से उसके मोबाइल का पता नहीं चला। महिला का आरोप है कि पुलिस ने पहले मोबाइल उन्हीं के पास होने की बात कही थी, अब फोन गायब होने की बात कह रही है।