लॉकडाउन का पालन कराने गई पुलिस टीम पर हमला
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कानपुर देहात के रसूलाबाद क्षेत्र के तुलसी नगर कंजड़ डेरा में रविवार को भीड़ लगाने से मना करने पर कुछ लोगों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। महिलाओं ने पथराव किया। पुलिसकर्मियों ने वहां से भागकर अपने को बचाया। हमले में तीन दरोगा, दो महिला और दो पुरुष सिपाही घायल हो गए। मामले में छह महिलाओं समेत 13 हमलावरों को हिरासत में लिया है।
दरोगा सुखवीर सिंह टीम के साथ रविवार सुबह लॉकडाउन पालन की क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। तुलसी नगर कंजड़ डेरा में पुलिसकर्मियों को भीड़ दिखाई दी। पुलिसकर्मियों ने उन्हें भीड़ लगाने से मना किया। साथ ही घरों में जाने को कहा, तो कुछ युवक आक्रामक हो गए। युवकों ने डंडों से पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। शोर सुनकर निकली महिलाओं ने पुलिस टीम पर पथराव किया। किसी तरह से पुलिसकर्मियों ने वहां से भाग कर अपनी जान बचाई।
हमले में दरोगा सुखवीर सिंह, उमेश शर्मा, संजीव सिंह, सिपाही विनोद, अवनीश व महिला सिपाही जया यादव व दिव्या सिंह घायल हो गए। सूतना पाकर थाना प्रभारी तुलसीराम पांडेय फोर्स के साथ पहुंचे कंजड़ डेरा में दबिश दी। वहां से छह महिलाओं समेत 13 हमलावरों को दबोच लिया। सीएचसी में डॉक्टर अमित सक्सेना ने घायल पुलिसकर्मियों का मेडिकल किया। सीओ रामशरण सिंह ने बताया कि पुलिस टीम पर हमला करने का मुख्य आरोपी सरमन उर्फ सरमान सिंह हिस्ट्रीशीटर है। उसके भाई बलवान व तीरन सिंह तथा अन्य के साथ मिलकर पुलिस पर हमला किया। नामजद सगे भाइयों व अन्य 25-30 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
महिलाओं के पथराव पर बैकफुट पर आ गई पुलिस
कंजड़ डेरा में विवाद पर पुलिस ने हमलावर हिस्ट्रीशीटर सरमान सिंह को पकड़ लिया। पुलिस उसे थाने ले जाने लगी, तो महिलाएं आगे आ गई। महिला सिपाही जया यादव व दिव्या सिंह ने महिलाओं को पीछे हटाने की कोशिश की, तो महिलाओं ने पथराव कर दिया। पत्थरों से बचने को पुलिस बैकफुट पर आ गई। इसी का फायदा उठाकर सरमान सिंह फरार हो गया। इस पर महिलाएं और आक्रामक हो गई। महिलाओं ने छत से पथराव शुरू कर दिया। इस पर पुलिसकर्मियों को वहां से हटना पड़ा। बाद में पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर के भाई तीरन सिंह को दबोच लिया।