मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की 403 सपा प्रत्याशियों की अलग लिस्ट आने से कैंट प्रत्याशी अतीक अहमद का क्या होगा, यही सवाल सभी सपाइयों और विरोधी पार्टियों के नेताओं-समर्थकों के दिमाग में कौंधता रहा। सपा में फिर घमासान शुरू हो जाने से अतीक के समर्थन और विरोधी, दोनों बेचैन हैं। हालांकि अतीक और उनके समर्थक इसे बिल्कुल गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, लेकिन दूसरे दावेदार बल्लियों उछल रहे हैं।
बाहुबली नेता के रूप में चर्चित अतीक अहमद का सपा में सबसे ज्यादा नजदीकी रिश्ता मुलायम सिंह से है। उन्हें शिवपाल यादव के खेमे का भी कहा जाता है। कहा जा रहा है कि इसी वजह से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उन्हें नापसंद करते हैं। अतीक का कहना है कि परिणाम कुछ भी हो लेकिन विधानसभा में वह किसी न किसी बहाने जरूर रहेंगे। उनका इशारा है कि यदि पार्टी टिकट नहीं देती है तो निर्दलीय के रूप में चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। इलाहाबाद में वह कई बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीत चुके हैं। अतीक के समर्थक सिर्फ मुलायम सिंह के बोलने का इंतजार कर रहे हैं। अतीक अहमद का कहना है कि किसी का टिकट कटता है तो पार्टी बाकायदा लेटर जारी करती है।