पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कनपुरिया सहयोगियों में से एक कमलाकांत बाजपेई का सोमवार को तड़के हृदयगति रुकने की वजह से निधन हो गया। वह 95 वर्ष के थे। उनका अंतिम संस्कार भैरव घाट पर किया गया। वह अविवाहित थे।
कर्नलगंज लुधौरा निवासी कमलाकांत 1952 में कानपुर में हुए जनसंघ के पहले अधिवेशन के प्रमुख सदस्यों में शामिल रहे। इस अधिवेशन में कश्मीर में अनुच्छेद 370 को समाप्त करने का बिगुल फूंका गया था। पिछले दिनों जब अनुच्छेद 370 को हटाने का फैसला लिया गया तो स्थानीय भाजपाइयों ने कमलाकांत के घर जाकर उन्हें बधाई दी थी।
इस वर्ष 15 अगस्त के मौके पर भाजपा की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। भाजपा जिला अध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी, विधायक महेश त्रिवेदी, अनूप अवस्थी, रवि दीक्षित, धीरज साहू, चंद्रशेखर सोनकर, बजरंग दल के पूर्व नगर संयोजक मूलचंद लोधी सहित काफी संख्या में लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की ।