कानपुर देहात। कलक्ट्रेट सभाकक्ष में गुरुवार को डीएम ने टीम-9 की समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी श्रमिकों का पंजीकरण न होने पर कड़ी नाराजगी जताई। सहायक श्रमायुक्त का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।
डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर का असर कम होने के चलते भले ही कर्फ्यू में कुछ राहत दी गई है, लेकिन हमें सजग रहने की जरूरत है। समीक्षा करते हुए पाया कि अभी तक कुल 16533 श्रमिकों का पंजीकरण किया गया है।
जबकि बड़ी संख्या में अभी भी मजदूरों का ब्योरा नहीं जुटाया जा सका है। जिससे उनका पंजीकरण नहीं हो पा रहा है और शासन की योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। उन्होंने आदेश की नाफरमानी करने पर सहायक श्रमायुक्त का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण देने को कहा।
डीएम ने सीडीओ को निर्देश देते हुए कहा कि गोशालाओं की बदहाल स्थिति को देखते हुए लगातार निरीक्षण की जरूरत है। जिससे सुधार किया जा सके। सीएमओ को निर्देशित किया कि कोरोना के लक्षण वाले मरीजों की पहचान कर उन्हें मेडिकल किट उपलब्ध कराएं।
नगर व गांवों में सैनिटाइजेशन और फागिंग को नियमित रूप से करें। अधिकारियों की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक मेें सीडीओ सौम्या पांडेय, एडीएम प्रशासन पंकज वर्मा, एडीएम वित्त एवं राजस्व साहब लाल, सीएमओ डॉ. राजेश कटियार, जिला सूचना अधिकारी नरेंद्र मोहन आदि उपस्थित रहे।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी को फिर से चेतावनी
कानपुर देहात। डीएम ने समीक्षा के दौरान कहा कि एक मई को भी निरीक्षण के समय गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीद व अभिलेख रखरखाव की स्थिति ठीक नहीं पाई गई थी। जिला खाद्य विपणन अधिकारी शिशिर कुमार को कई बार निर्देश दिए, लेकिन अभी तक कोई सुधार नहीं किया गया। डीएम ने फिर से चेतावनी देते हुए कहा कि गेहूं खरीद में किसानों को किसी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए और समय भुगतान करें।
एडीएम वित्त एवं राजस्व को निर्देश दिए कि क्रय केंद्रों पर जाकर गेहूं खरीद की स्थिति जांचें और प्रतिदिन शाम को समीक्षा कर रिपोर्ट दें। आबकारी अधिकारी को निर्देशित किया कि जिले मेें सैनिटाइजर व अन्य अल्कोहल युक्त औषधियों को बनाने वाली यूनिट का निरीक्षण करने के लिए कार्ययोजना बना लें। फिर टीम गठित कराकर एसडीएम के सहयोग से निरीक्षण करें। जिससे अल्कोहल आदि के दुरुपयोग की संभावना न रहे।