मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच की मांग की
सूत्रों के अनुसार पिछले 24 घंटे से पुलिस अधिकारियों की नजर आशु पर है। सोमवार सुबह करीब 11.30 बजे आशु की मां के शव को घर से उठाया गया। इसके बाद परिजनों और रिश्तेदार उनका शव लेकर सिद्धनाथ घाट पहुंचे, जहां विश्वजीत ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान विश्वजीत पहली बार मीडिया से रूबरू होकर अपने भाई को बेगुनाह बताते हुए मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच की मांग की।
परिवार को बंधक बनाकर अपराधियों जैसा बर्ताव किया
उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि बेगुनाह होते हुए भी पुलिस ने उनके भाई को अपराधी साबित कर एक लाख रुपये का इनाम रख दिया। बुजुर्ग माता पिता, महिलाओं और बच्चों को बंधक बना अपराधियों जैसा बर्ताव किया। विरोध पर विधवा भाभी से अभद्रता की गई। महिला दरोगा द्वारा तमाचा भी मारा गया।
मैनपुरी में पति ने दिलाई भाजपा को दो सीटें, अब सबने हाथ खड़े किए
आशु की भाभी रेनू ने अमर उजाला के संवाददाता से बातचीत कर बताया कि उनके देवर आशु मैनपुरी के चर्चित युवा नेता हैं। सपा मुखिया मुलायम सिंह भी उन्हें बहुत मानते थे। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने सपा के गढ़ में अपने दम और मेहनत पर भाजपा का दो सीटें दिलवाई। इसके चलते सपा के लोग भी उनके पीछे पड़ गए। परिजन जब आशु की बेगुनाही लेकर भाजपा के बड़े नेता के पास पहुंचे, तो उन्होंने भी हाथ खड़े कर दिए।