कानपुरः कैंट में पकड़े गए पाकिस्तानी युवक एहसान खान उर्फ जफर को लेकर अभी जांच चल ही रही थी। गुरुवार देर शाम आर्मी इंटेलीजेंस ने चकेरी से एक फर्जी कर्नल को धर दबोचा। उसके पास से कई दस्तावेज बरामद किए हैं। पूछताछ के बाद आर्मी इंटेलिजेंस ने उसे घाटमपुर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। घाटमपुर थाने में फर्जी कर्नल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। पुलिस, आईबी के साथ ही एटीएस, एटीएफ और अन्य एजेंसियों के अफसर भी पूछताछ करने में जुटे हैं।
चकेरी थानाक्षेत्र में आर्मी इंटेलीजेंस को एक युवक कर्नल की वर्दी पहने घूमता नजर आया। शक के आधार पर आर्मी इंटेलीजेंस ने उसके नाम और बैच नंबर को नोट कर तत्काल सेना हेडक्वार्टर से संपर्क किया। इस दौरान इंटेलीजेंस उस पर बराबर नजर बनाए रखी। वहां से जवाब में फर्जी होने की पुष्टि पर आर्मी इंटेलीजेंस की टीम उसे हिरासत में लेकर गार्ड रूम में पूछताछ की।
इंटेलीजेंस के मुताबिक युवक ने अपना नाम सूरज शिवहरे बताया जबकि कर्नल की नेमप्लेट में योगेंद्र कुमार गुप्ता नाम लिखा हुआ था। इंटेलीजेंस के मुताबिक उसके पास से फर्जी ज्वाइनिंग लेटर और बैच नंबर सहित तमाम सेना से जुडे़ फर्जी दस्तावेज मिले हैं। बताया गया कि करीब दो माह पहले घाटमपुर की रचना मिश्रा को सेना में नौकरी दिलाने के नाम पर एक लाख 30 हजार रुपये की ठगी की थी। 18 अप्रैल को रचना ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई थी।
इंस्पेक्टर ने बताया कि योगेंद्र बार बार अपना नाम और पता बदल रहा है। कभी अपना नाम योगेंद्र शिवहरे बता रहा है तो कभी कुछ और। कभी वह अपना पता 19 ए सेक्टर गोमती नगर लखनऊ तो छत्तीसगढ़ का रहने वाला बता रहा है। उसकेपास एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड समेत तमाम दस्तावेज मिले हैं, जिसमें नाम और पते अलग अलग हैं। उसकी असलियत जानने केलिए पूछताछ चल रही है।