उज्जैन से असलहों और कारतूस की खेप अमेठी ले जाई जा रही थी उसका इस्तेमाल विधानसभा चुनाव में होना था। राजनीति से जुड़े कुछ लोगों को खेप सप्लाई होनी थी। यह खुलासा शनिवार को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिए गए असलहा तस्करी करने वाले आरोपी अभिषेक पाल ने किया।
आरोपी तीन दिन की रिमांड पर है। पुलिस और एटीएस दोनों उससे पूछताछ करने में लगे हैं। तमाम सवालों के जवाब न देकर वह अफसरों को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है। एटीएस व बाबूपुरवा पुलिस ने 20 अक्तूबर को झकरकटी बस अड्डे से अमेठी निवासी अभिषेक पाल को गिरफ्तार किया था।
उसके पास से 6 कंट्रीमेड पिस्टल, 12 मैगजीन और बीस कारतूस बरामद हुए थे। उसका साथी अनिल मौर्या फरार हो गया था। अभिषेक ने बताया कि वह अनिल के कहने पर पहले लखनऊ आया और फिर दर्शन करने की बात कहकर अनिल उसे उज्जैन लेकर चला गया।
वहां से वह असलहों की खेप लेकर आ रहा था। सूत्रों के अनुसार अभिषेक ने बताया कि असलहों की सप्लाई अमेठी में राजनीति से जुड़े कुछ लोगों को करनी थी। उनके नाम भी बताए हैं लेकिन पुलिस उसको सार्वजनिक नहीं कर रही है।
मगर एक बात साफ हो गई है कि चुनाव में गड़बड़ी करने के लिए असलहों की खेप ले जाई जा रही थी। तमाम सवालों में अभिषेक यही कहता रहा कि उसको नहीं पता। सारी डील अनिल ने की थी वह ढाबे पर ही बैठा था। जो भी जानकारी है वह अनिल को है। एटीएस का कहना है कि आरोपी कई बातें छुपा रहा है।