कानपुर देहात। डकैत मंगली केवट पर दर्ज अवैध शस्त्र बरामदगी के मामले में मंगलवार को बहस हुई। अभियोजन ने मंगली पर दर्ज आपराधिक मामलों का जिक्र किया। साथ ही प्रतिबंधित शस्त्र बरामदगी गंभीर अपराध बताया। अब सुनवाई की अगली तिथि 21 जनवरी तय की गई है।
लूट, डकैती, अपहरण व हत्या का आरोपी डकैत मंगली केवट 19 जुलाई 2006 से लगातार जेल में निरुद्ध है। पहले वह कानपुर नगर की जेल में रहा है। छह वर्षों से माती जेल में है। मंगली केवट की निशानदेही पर पुलिस ने बीहड़ से एके 47 राइफल व मैग्जीन बरामद की थी।
अवैध शस्त्र बरामदगी के मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट 14वां वित्त आयोग निजेंद्र कुमार की अदालत में चल रही है। मंगली ने पिछली तारीख में जान को खतरा बता स्पेशल गार्ड से कोर्ट भेजे जाने की मांग की थी। इस पर कोर्ट ने एसपी से जवाब मांगा था।
एसपी ने सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होने का हवाला देकर स्पेशल गार्ड से भेजने की जरूरत नहीं बताई थी। मंगली ने इस आपत्ति करते हुए वर्ष 2006 में तत्कालीन डीआईजी के निर्देश का हवाला देकर कोर्ट में दोबारा अर्जी दी थी। कोर्ट ने आईजी से जवाब मांगा था। आईजी की तरफ से बंद लिफाफा में कोर्ट में जवाब दाखिल कर दिया गया।
वहीं सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रदीप कुमार पांडेय द्वितीय ने बताया कि निर्णय टालने के लिए इस तरह के अनावश्यक पत्र बचाव पक्ष की तरफ से दिए जा रहे हैं। इनका कोई औचित्य नहीं है। वहीं, मंगली से प्रतिबंधित शस्त्र बरामदगी गंभीर मामला है। अभियोजन की तरफ से गवाह भी पेश किए जा चुके हैं। अब फैसले को लेकर बहस की गई है। कोर्ट ने सुनवाई की तिथि 21 जनवरी तय की है।