कानपुर। करीब 40 साल से अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के बुजुर्ग दंपती नेपाल में हादसे का शिकार हुए हैं। वे पहले शास्त्रीनगर में ही रहते थे। दंपती के स्वरूपनगर निवासी रिश्तेदारों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है। भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक दीपक आहूजा व उनकी पत्नी मधु आहूजा कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए निकले थे। वहां से लौटने के दौरान नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई बाढ़ व भूस्खलन के बाद से एनआरआई दंपती का कुछ पता नहीं लग रहा है। दोनों की आखिरी लोकेशन नेपाल के बागमती में मिली थी। उनकी दोनों बेटियां सोशल मीडिया के माध्यम से माता-पिता का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं। स्वरूपनगर निवासी मनोज आहूजा ने बताया कि दीपक उनकी पत्नी के करीबी रिश्तेदार हैं। दोनों ने काफी समय पहले भारत छोड़ दिया था लेकिन कभी कदार उनका यहां आना-जाना होता था। बार-बार उनके फोन मिला रहे हैं लेकिन दोनों में से किसी से कोई बात नहीं हो पा रही है। दीपक की दोनों बेटियां परेशान हैं और उन्होंने अमेरिका व नेपाल दोनों ही सरकार से मदद की गुहार लगाई है। (ब्यूरो)
बैराज पर लगाई गई बैरिकेडिंग
कानपुर। गंगा बैराज पर हादसों में रोक लगाने के लिए यातायात पुलिस ने हर 20 मीटर की दूरी पर बैरिकेडिंग लगाने की व्यवस्था की है। ताकि बाइक और कार सवार किसी तरह का स्टंट न कर सके। इसके अलावा वाहनों की रफ्तार भी सीमित रह सके। (संवाद)