राघवेंद्र के ऐसे संपर्क में आए थे दो आरोपी
एसआईटी के मुताबिक आरोपी योगेंद्र सिंह व विजय नारायण सिंह राघवेंद्र के बेहद करीबी थी। दोनों उनके ही शागिर्द बने हुए थे। दरअसल विजय नारायण के भाई व योगेंद्र के पिता की उस दौरान हत्या कर दी गई थी। तब वह राघवेंद्र के संपर्क में आए थे। क्योंकि राघवेंद्र हर तरह से सक्षम था। इसलिए दोनों को उम्मीद थी किं वह उनके साथ रहकर पिता व भाई की हत्या का बदला लेगा। दोनों राघवेंद्र के इशारे पर काम करते थे।
पूर्व मंत्री के भतीजे समेत कई बड़ी हस्तियां थीं शामिल
दंगो में राघवेंद्र के अलावा दक्षिण के कई तत्कालीन पार्षद, अधिवक्ता, एक डीजीसी, एक सेल टैक्स अफसर के अलावा नेता शामिल थे। एसआईटी की आरोपियों की सूची में इन सभी का नाम है। साक्ष्य भी जुटा लिए हैं। एक एक कर इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।