अधिवक्ता ने भी किया था दंगाइयों का नेतृत्व
एसआईटी की जांच में सामने आया कि इन दोनों वारदातों में माफिया के रिश्तेदारों के अलावा एक अधिवक्ता भी शामिल था, जिसने दंगा भड़काने में बड़ी भूमिका निभाई थी। यही नहीं दंगाइयों की भीड़ का नेतृत्व भी उसने किया था। इस अधिवक्ता की भी तस्दीक एसआईटी ने कर ली है। उसके खिलाफ गवाह व सुबूत दोनों एसआईटी के पास हैं। इस पर शिकंजा कसना तय है।
कई जिलों के लोग शामिल थे, एक बाबा बन गया
इस केस में कई बाहरी लोग शामिल थे। एसआईटी के मुताबिक गोंडा, मेरठ के अलावा फैजाबाद के लोग शामिल थे। फैजाबाद का जो शख्स नरसंहार में था उसने अयोध्या जाकर बाबा का भेष बना लिया था। एसआईटी ने उसको भी खोज निकाला है। यहां तक कि एसआईटी वहां जाकर उसके बारे में पूरी जानकारी जुटाने के साथ फोटो आदि भी खींच रही है।
नरसंहार करने वालों का नाम बताया
किदवई नगर में दंगाइयों ने सतवीर सिंह व भूपेंदर सिंह समेत चार लोगों की हत्या कर दी थी। एसआईटी इसी केस की विवेचना के सिलसिले में काफी समय से पंजाब में थी। केस के विवेचक एसपी सिंह ने बताया कि मंगलवार को सतवीर सिंह की बहन के नोएडा में बयान दर्ज किए गए। जिसमें उन्होंने करीब दस आरोपियों के नाम बताए। इसमें स्कूल संचालक व डेयरी मालिक का भी नाम शामिल है। टीम अब लौट आई है। एक अन्य टीम जल्द पंजाब रवाना होगी। जिसमें काकादेव संबंधी केसों की जांच की जाएगी।