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Anti Sikh Riots: मुख्य आरोपी पर नरमी, कई अफसर पैरवी में जुटे, एनबीडब्ल्यू भी नहीं लिया गया

Sun, 16 Oct 2022 12:24 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कानपुर में वर्ष 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए दंगों में शहर में 127 सिखों की हत्या की गई थी। इस दौरान हुए निराला नगर तिहरे हत्याकांड में मुख्य आरोपी पूर्व मंत्री का भतीजा राघवेंद्र सिंह अभी भी फरार है।
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सिख दंगा (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कानपुर के सिख विरोधी दंगे में पूर्व मंत्री शिवनाथ सिंह कुशवाहा का भतीजा राघवेंद्र सिंह कुशवाहा मुख्य आरोपी है। एसआईटी अब तक 40 आरोपियों की गिरफ्तारी कर चुकी है, लेकिन राघवेंद्र हाथ नहीं लगा। उसकी पैरवी में शुरू से ही कई बड़े अफसर लगे हैं।

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शायद यही वजह है कि उसका गैर जमानती वारंट तक हीं लिया गया। निराला नगर तिहरे हत्याकांड में राघवेंद्र सिंह का नाम सामने आया था। उसकी अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी है। एसआईटी अब भी उसको पकड़ नहीं सकी है। वह फरार है और गैर जमानती वारंट भी नहीं लिया है।

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जल्द से जल्द गिरफ्तार हो आरोपी
अखिल भारतीय दंगा पीड़ित राहत कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व भाजपा नेता सरदार कुलदीप सिंह भोगल ने शनिवार को बयान जारी कर कहा कि एसआईटी ने अब तक अच्छी कार्रवाई की, लेकिन मुख्य आरोपी राघवेंद्र सिंह को नहीं पकड़ा गया। उन्होंने प्रदेश सरकार से अपील की है कि राघवेंद्र की गिरफ्तारी जल्द से जल्द हो। उन्होंने कहा कि कई आरोपियों को कोर्ट से जमानत भी मिल गई है। यह भी बड़ी विडंबना है।

बजट की कमी, जांच में दिक्कत
कुलदीप सिंह ने कहा कि यह भी पता चला है कि एसआईटी के पास बजट की कमी है। संसाधन भी पर्याप्त नहीं हैं। इसलिए विवेचना व आरोपियों की धरपकड़ में दिक्कत आ रही है। इस संबंध में उन्होंने सरकार से अपील की है कि इतने संवेदनशील व महत्वपूर्ण मामले का संज्ञान लेकर सुविधाएं मुहैया कराएं।
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बता दें कि दंगों के दौरान निराला नगर में तिहरा हत्याकांड हुआ था। इस केस का मुख्य आरोपी पूर्व मंत्री शिवनाथ सिंह कुशवाहा का भतीजा राघवेंद्र है। उसकी काफी समय से उसकी तलाश चल रही है, लेकिन अभी भी गिरफ्त में नहीं आया है। 1984 में कानपुर में 127 सिखों की हत्या कर दी गई थी। इन केसों की विवेचना एसआईटी कर रही है।
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