जांच के लिए सैंपल ड्रग इंस्पेक्टर को दिए
इसमें दिल्ली से पंकज धीर और प्रयागराज से सुमित यादव मदद करते थे। एएनटीएफ के दरोगा अमन सिंह की तहरीर पर मिहिर, आशुतोष, सुमित और पंकज धीर के खिलाफ नारकोटिक्स ड्रग और साइको सबस्टेंस उत्पाद अधिनियम की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी और माल को बाबूपुरवा पुलिस के हवाले कर दिया गया है। इसके साथ ही सैंपल जांच के लिए ड्रग इंस्पेक्टर को दिए गए हैं।
ट्रांसपोर्ट मालिक हरियाणा के गुरुग्राम का निवासी
एएनटीएफ कानपुर इकाई के सीओ मनोज कुमार सिंह और निरीक्षक अइनुद्दीन के मुताबिक, आरोपी मिहिर ने बताया कि राजधानी इंटरस्टेट ट्रांसपोर्ट का मालिक कुंवर राज सिंह चड्ढा हरियाणा के गुरुग्राम का निवासी है। चड्ढा अपने ट्रांसपोर्ट के अलावा टीपी नगर में छोटे गोदामों में प्रतिबंधित पदार्थों को छिपाता है। यह माल भी 700 मीटर दूर ढकनापुरवा में आशारानी गुप्ता के मकान में बने गोदाम में छिपा रखा था। यह गोदाम कुंवर राज चड्ढा ने 5500 रुपये महीने के किराये पर ली थी।
13 दिन पहले सरगना की गिरफ्तारी के बाद बिछाया जाल
एसटीएफ ने 13 दिन पहले इस गिरोह के सरगना आशुतोष तिवारी को प्रयागराज से गिरफ्तार किया था। उसकी निशानदेही पर भी सिरप बरामद हुई थीं। पूछताछ में उसने कई महत्वपूर्ण खुलासे किए थे। इन्हीं खुलासों के आधार पर कानपुर में यह बड़ी कार्रवाई की गई। यहां चार साल से सिरप का भंडारण किया जा रहा था।