कार्यकारिणी न अब इस फैसले को भी रद्द कर दिया
महापौर ने इन पर नगर आयुक्त से एक-एक कर जवाब मांगा। इसके बाद नगर आयुक्त के पूर्व में लिए गए तीनों फैसलों को पलट दिया गया। बता दें कि कार्यकारिणी ने 2024 में फैसला किया था कि अगर एक लाख का टेंडर है तो 15 प्रतिशत यानी 85 हजार से कम बोली लगाने वाले का आवेदन निरस्त किया जाएगा। नगर आयुक्त ने नए शासनादेश का हवाला देकर इस बाध्यता को खत्म कर दिया था। कार्यकारिणी ने अब इस फैसले को भी रद्द कर दिया है।
आमने-सामने
कन्वेंशन सेंटर
नगर निगम की जमीन पर स्मार्ट सिटी के तहत सेंटर का निर्माण हुआ। सदन ने तय किया था कि इससे होने वाली आय दोनों में 50-50 प्रतिशत बंटेगी। किस आधार पर बिना कार्यकारिणी या समिति की संस्तुति लिए टेंडर कर निजी कंपनी को दे दिया। इससे होने वाली आय का ब्योरा भी बताएं।
-महापौर
यह योजना स्मार्ट सिटी को हैंडओवर हो चुकी है। स्मार्ट सिटी का बोर्ड ही सभी फैसले लेता है। बोर्ड कमेटी के निर्देश पर टेंडर प्रक्रिया की गई जिसके आधार पर कन्वेंशन सेंटर का संचालन निजी हाथों को दिया गया। -नगर आयुक्त
टेंडर मामला
2024 में कार्यकारिणी ने 15 प्रतिशत के नीचे टेंडर डालने के फैसले पर रोक लगा दी थी। किस आधार पर बिना कार्यकारिणी या सदन को अवगत कराए निर्णय बदलकर इससे ऊपर भी टेंडर डालने की अनुमति दे दी।
-महापौर
मई 2026 में पीडब्ल्यूडी के नए शासनादेश में इस तरह की कोई बाध्यता नहीं है और शासनादेश का पालन कराना मेरा कर्तव्य है। -नगर आयुक्त
मंगल भवन
जब सदन से कमेटी बनने की स्वीकृति हुई थी तो बिना अनुमति के किस आधार पर कमेटी निरस्त की गई। -महापौर
सदन में सिर्फ निर्माण कार्य की स्वीकृति हुई थी न कि समिति के लिए। निर्माण कार्य से कोई आपत्ति नहीं है। जांच रिपोर्ट के आधार पर सिर्फ कमेटी भंग की गई है। -नगर आयुक्त
22 सितंबर को निरस्त की थी मंगल भवन की कमेटी
टेंडर घोटाले के मामले में मंडलायुक्त के निर्देश पर सीडीओ की अध्यक्षता में गठित कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर 22 सितंबर को नगर आयुक्त ने बेनाझाबर में बने मंगल भवन की पूर्व में बनीं दो समितियां निरस्त कर दी थीं। इनमें से एक निर्माण कार्य तो दूसरी रखरखाव व इसके संचालन के लिए थी। दूसरी समिति में 10 सदस्य थे जिनमें छह नगर निगम अभियंत्रण, संपत्ति व दूसरे विभागों से जुड़े थे। चार लोग केजेसीआई कंपनी के थे। समिति भंग होने के बाद नगर निगम के संपत्ति विभाग ने इसके कार्यालय पर अपना कब्जा ले लिया था।
10 वार्डों को दिए 20-20 लाख
बैठक में 10 और वार्डों को 20-20 लाख रुपये से लाइटिंग और पार्क के लिए देने पर सहमति बनी। इसके अलावा 10 नामित पार्षदों को भी 20-20 लाख से विकास कार्य कराने की स्वीकृति दी गई। नामित पार्षद इस धनराशि से किसी भी क्षेत्र में कोई भी विकास कार्य करा सकते हैं।
100 कर्मचारी कहां तैनात, बताएं
महापौर ने नवरात्र को देखते हुए सभी पार्कों व मैदानों की साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए। दीपावली से पहले शहरभर की लाइटें ठीक कराने को कहा जिस पर नगर आयुक्त ने बताया कि अब हर दिन 2300 से 2500 तक स्ट्रीट लाइटें सुधारी जा रही हैं। इस दौरान पनकी स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट के निजी हाथों में जाने के बाद वहां तैनात 100 कर्मियों का मुद्दा भी उठा। महापौर ने पूछा कि वह कर्मचारी कहां तैनात हैं, बताएं। नगर आयुक्त बोले, देखकर बताएंगे।
मंगल भवन की पूर्व की व्यवस्था बहाल कर दी गई है, कमेटी वैसे ही कार्य करेगी। कन्वेंशन सेंटर और 50 प्रतिशत से नीचे टेंडर डालने वाला फैसला भी निरस्त किया गया है।
-प्रमिला पांडेय, महापौर
ये फैसले कार्यकारिणी में हुए हैं। मंगल भवन, कन्वेंशन सेंटर व टेंडर मामले में जो भी फैसले कार्यकारिणी में लिए गए हैं, उन्हें शासन को भेजा जाएगा। -अर्पित उपाध्याय, नगर आयुक्त