सात साल बाद इस बार 10 दिसंबर का दिन सबसे ठंडा रहा है। 24 घंटे में अधिकतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस गिरा। इसके पहले वर्ष 2016 में 10 दिसंबर को अधिकतम तापमान 18.8 डिग्री रहा था। अधिकतम तापमान कम होने से गलन बढ़ गई है। अधिकतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है।
मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि हवाओं में निरंतरता रही तो ठंडक बढ़ेगी। हिमालय की पहाड़ियों पर बर्फबारी से ठंड मैदानी इलाकों में शीतलहर जैसी स्थिति पैदा कर सकती है। इसके अलावा धूप की अवधि औसत एक घंटे कम हो गई है। सीएसए की मौसम वेधशाला के मुताबिक सन शाइन आवर सामान्य सात के स्थान पर इस वक्त औसत छह घंटे रह रहे हैं।
मौसम तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि बादल रहने पर धूप के घंटे कम हो जाते हैं। एक सप्ताह की धूप का प्रतिदिन का औसत छह घंटे निकल रहा है। उन्होंने बताया कि अधिकतम तापमान सामान्य औसत से 1.8 डिग्री सेल्सियस कम है। उन्होंने बताया कि रात में बादल रहे हैं। इससे न्यूनतम तापमान सामान्य औसत से थोड़ा सा अधिक रहा है। वातावरण की नमी में भी पांच फीसदी का इजाफा हुआ है।