कानपुर के अंजना मल्होत्रा हत्याकांड में सिर्फ दरोगा जय प्रताप सिंह या थानेदार की ही नहीं बल्कि डीसीपी तक की लापरवाही रही है। अंजना ने समय-समय पर हर किसी से मदद मांगी थी। मगर किसी ने उसके पति सुलभ मल्होत्रा के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। पिछले महीने अंजना ने एक ट्वीट किया था।
जिसमें डीसीपी साउथ से कार्रवाई की मांग की थी। अफसरों की तरफ से डीसीपी साउथ रवीना त्यागी को निर्देशित भी किया गया लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। आखिर में उसके पति ने ही अंजना को मौत के घाट उतार दिया। कौशलपुरी निवासी अंजना मल्होत्रा 22 दिसंबर की रात लापता हो गईं थीं।
बीते रविवार को पुलिस ने खुलासा किया था कि अंजना के पति क्रॉकरी कारोबारी सुलभ ने उनकी हत्या कर दी थी। प्रेमिका किरन, उसके पिता रामदयाल व चचेरे भाई रिषभ की मदद से शव पांडु नदी में फेंक दिया था। इसमें सबसे पहले दरोगा जय प्रताप सिंह की लापरवाही उजागर हुई। जो पीड़ित परिवार को ही धमका रहा था। गुरुवार को उसे निलंबित कर दिया गया।
दो दिन पहले वायरल हुई कॉल रिकॉर्डिंग से स्पष्ट हुआ था कि मामले की जानकारी नजीराबाद थानेदार, एसीपी नजीराबाद को भी थी लेकिन किसी ने कार्रवाई नहीं की। कुछ तथ्य मिले हैं जिनसे स्पष्ट है कि मामले की जानकारी डीसीपी साउथ रवीना त्यागी को भी थी। हर स्तर पर अंजना की सुनवाई नहीं की गई। अगर उसी वक्त सुनवाई की जाती तो सुलभ अंजना की हत्या न कर पाता।