अधिकारियों ने दिया आश्वासन, जल्द होगी पैमाइश
नंदकिशोर ने तब तक अपने गले में भी फंदा डाल लिया। पेड़ के नीचे जुटी भीड़ ने समझाया, जिससे वह लटक नहीं सका। अधिकारियों ने भी समस्या निराकरण का आश्वासन दिया, जब कहीं जाकर वह नीचे उतरा। इसके बाद में उसे पुलिस हिरासत में दे दिया गया। आश्वासन देने के बाद उसे छोड़ भी दिया गया।
अधिकारी नहीं कर रहे हैं खेतों की नाप
नंदकिशोर ने बताया कि सात-आठ सालों से वह परेशान है। उससे कहा जाता है कि यह करो.. नहीं तो कहीं मुकदमा करो...कहकर टाल दिया जाता है। सबके खेतों की नाप हो रही है, लेकिन उसके खेत की नाप नहीं हो रही है। मेरा खेत भी कम है और मेरे ही खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया जाता है। एसडीएम ने खेत नापने का आश्वासन दिया है।
प्रार्थना पत्र देने के बाद नंदकिशोर लेखपाल से मिला है। उसके बाद तहसील परिसर में ही रहा। प्रथम दृष्टया लगता है कि किसी ने उसे समझा-बुझाकर भेजा था। मामले की जांच कराई जाएगी कि ग्रामीण को उकसाने के पीछे कौन लोग हैं। साथ ही जमीन की समस्या समाधान का भी प्रयास होगा। -पवन मीना, एसडीएम सदर