फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur: हैलट में होगी पूरे शरीर की नसों की एंजियोग्राफी, रोगियों को दूसरे अस्पतालों में रेफर नहीं करना पड़ेगा

Tue, 24 Dec 2024 11:50 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: मेडिकल कॉलेज के न्यूरो साइंसेस प्रमुख डॉ. मनीष सिंह ने बताया कि एन्यूरिज्म की दिक्कत में इस डीएसए मशीन का इस्तेमाल किया जाता है। नसों के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। हर साल रोगियों की संख्या में 15 से 20 फीसदी इजाफा हो जाता है।
विज्ञापन
हैलट हॉस्पिट कानपुर - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर के हैलट में रोगियों के पूरे शरीर के नसों की एंजियोग्राफी हो सकेगी। डिजिटल सब्ट्रैक्शन एंजियोग्राफी (डीएसए) मशीन जल्द आ जाएगी। इसके आने से पैरों की नसों के लीकेज से लेकर सिर की नसों के फूलने पर उनका इलाज हो सकेगा। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि मस्तिष्क की नसों के कमजोर होने पर उनमें छोटे-छोटे गुब्बारे निकल आते हैं।

विज्ञापन

इनके फटने से रोगी की मौत हो जाती है। इन गुब्बारों की डीएसए मशीन से कॉइलिंग हो सकेगी। अभी रोगियों को रेफर करना पड़ता है। डीएसए मशीन के लिए प्रस्ताव दो सप्ताह पहले भेजा गया था। रविवार को निरीक्षण पर आए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य पार्थ सारथी सेन शर्मा ने भी हामी भर ली।

रोगियों को रेफर करने की नौबत नहीं आएगी
उन्होंने बताया कि इसकी सबसे अहम भूमिका मस्तिष्क के इलाज में है। इसके अलावा शरीर के किसी भी हिस्से की नस में अगर लीकेज है तो उसे बंद किया जा सकता है। इसके अलावा नसों की और भी समस्याओं का इलाज हो जाता है। शरीर की नसों से संबंधित 90 फीसदी रोगियों को रेफर करने की नौबत नहीं आएगी। इसके साथ ही गुर्दा प्रत्यारोपण में भी इसका उपयोग रहेगा।

हर साल रोगियों की संख्या में हो जाता है इजाफा
प्रत्यारोपण के बाद अगर किसी रोगी की नस में लीकेज होता है, तो उसे इस मशीन से ठीक किया जा सकता है। मेडिकल कॉलेज के न्यूरो साइंसेस प्रमुख डॉ. मनीष सिंह ने बताया कि एन्यूरिज्म की दिक्कत में इस डीएसए मशीन का इस्तेमाल किया जाता है। नसों के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। हर साल रोगियों की संख्या में 15 से 20 फीसदी इजाफा हो जाता है।
विज्ञापन

उंगलियों की हो सकेगी माइक्रो सर्जरी
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि एडवांस माइक्रोस्कोप का भी प्रस्ताव भेजा गया है। इससे कटी उंगलियों की सटीक माइक्रो सर्जरी हो सकेगी। सर्जरी विभाग के पास दो प्लास्टिक सर्जन उपलब्ध हैं। माइक्रोस्कोप आने के बाद बारीक सर्जरी होगी। इसके साथ शासन से पोर्टेबल सीटी स्कैन मशीन, चार सी आर्म, एक ओ आर्म, लेजर, लैसिक लेजर आदि उपकरण मांगे गए हैं। इनके प्रस्ताव शासन को भेज दिए गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें