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UP: अनादि का शव घर पहुंचते ही मचा कोहराम, अल्जीरिया में कारखाने में ब्लॉस्ट होने से हो गई थी मौत

Thu, 07 Aug 2025 10:37 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

अल्जीरिया के अनाबा शहर में कारखाने में ब्लॉस्ट होने से 18 जुलाई को मौत हो गई थी। 21 वें दिन शव पहुंचा।
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अनादि की फाइल फोटो व बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अफ्रीकी महाद्वीप के अल्जीरिया के अनाबा शहर में आयरन कारखाने में ब्लॉस्ट के दौरान जान गंवाने वाले अनादि मिश्रा (48) का शव 21 वें दिन गुरुवार को तड़के बारी गांव स्थित घर पहुंचा। शव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अंतिम दर्शन के बाद दोपहर में गंगा नदी के नजफगढ़ घाट के किनारे अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि छोटे भाई अर्पित मिश्रा ने दिया।
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भीतरगांव ब्लॉक के बारी गांव निवासी अनादि मिश्रा 16 जून को अल्जीरिया के अनाबा शहर गए थे। वहां स्पंज आयरन कंपनी में ऑपरेटर के पद पर ज्वॉइन किया था। 17 जुलाई को कारखाने में ब्लॉस्ट के दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। 18 जुलाई को वहां के अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। तब से परिजन शव गांव आने का इंतजार कर रहे थे। बुधवार को सुबह 9:30 बजे उनका शव नई दिल्ली के इंदिरा गांधी एअरपोर्ट पर पहुंचा।

गमगीन परिजन - फोटो : अमर उजाला
वहां दोपहर 1:30 बजे शव अनादि मिश्रा के छोटे भाई अर्पित मिश्रा व बहनोई सुमति तिवारी के सुपुर्द किया गया। दिल्ली से एंबुलेंस से शव गुरुवार को तड़के बारी गांव स्थित घर पहुंचा। शव पहुंचते ही मां, पत्नी व बहनों में चीख पुकार मच गई। यह देखकर वहां मौजूद सभी की आंखें नम हो गई। अंतिम दर्शन के बाद दोपहर में गंगा नदी के नजफगढ़ घाट के किनारे अंतिम संस्कार किया गया। मालूम हो कि बेटे की मौत का सदमा बीमार पिता राजेंद्र मिश्रा सहन नहीं कर सके। बेटे के अंतिम दर्शन की इच्छा मन में लिए 30 जुलाई को पिता ने दम तोड़ दिया था।

 
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गंगा तट के नजफगढ़ घाट किनारे हुआ अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
बहनों ने ताबूत में राखी बांधकर दी अंतिम विदाई
रक्षाबंधन के त्योहार के दो दिन पहले अनादि मिश्रा का शव घर पहुंचने पर बहनें पूनम, प्रीती व स्वाती कई बार बेहोश हुईं। परिवार के लोगों ने उन्हें संभाला। अंतिम यात्रा के पहले बहनों ने ताबूत में राखी बांधकर दिवंगत भाई को अंतिम विदाई दी। इस दौरान मां कांति, पत्नी सुनीता, पुत्र विभू व रिभू एकटक ताबूत में रखे शव को निहारते रहे। 
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