अमित हत्याकांड में एसआईटी की छानबीन में एक ऐसा संदिग्ध नंबर मिला है, जिससे ज्योति व अमित दोनों हत्याकांड का कनेक्शन होने की संभावना है। इस नंबर के बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। सभी तथ्य जुटाने के बाद संदिग्ध से एसआईटी पूछताछ कर सकती है।
पिछले साल 25 नवंबर को चकेरी में भाभा नगर रेलवे ट्रैक पर गिरजा नगर निवासी ज्योति मिश्रा का अधजला शव मिला था। पुलिस ने ज्योति की मौत को आत्महत्या मानते हुए उसके परिचित अमित व उसकी दोस्त विमल को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण के आरोप में जेल भेजा था। 27 जून को विमल व 3 सितंबर को अमित जेल से जमानत पर छूटा था।
18 सितंबर की सुबह सचेंडी में अमित का ज्योति की तरह अधजला शव बरामद हुआ था। पिछले आठ दिनों से मामले की जांच कर रही एसआईटी के मुताबिक यह नंबर दोनों घटनास्थल पर सक्रिय रहा है। ऐसे में आशंका है कि इसका कुछ न कुछ कनेक्शन जरूर है। इसी बिंदु पर तहकीकात जारी है।