बीएचयू की एमसीए प्रवेश परीक्षा टॉपर अमित द्विवेदी
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कानपुर देहात में रूरा कस्बा के गांधी नगर निवासी अमित द्विवेदी बीएचयू की एमसीए प्रवेश परीक्षा में पहले प्रयास में टॉपर बने हैं। देश में पहली रैंक हासिल कर उन्होंने जिले व कस्बा का नाम रोशन किया।
सोमवार को कस्बे के लोगों ने घर आकर अमित को बधाई दी। गांधी नगर मोहल्ला निवासी गिरजेश द्विवेदी के छोटे बेटे अमित द्विवेदी ने बीएचयू की एमसीए प्रवेश परीक्षा मई में दी थी। एमसीए प्रवेश परीक्षा परिणाम दो दिन पहले ही आया है।
पूरे देश में उन्होंने टॉप किया है। 309 अंक हासिल कर अमित ने प्रथम रैंक हासिल की है। जनरल कैटेगरी में टॉप कर उन्होंने कस्बा व जनपद को गौरवान्वित किया है। सोमवार को कस्बा के रामबाबू शुक्ल, रामजी गुप्ता, वीरे शुक्ला व बउवा त्रिवेदी आदि अमित के घर पहुंचे और उसे बधाई दी।
वहीं, अमित ने बताया कि पिता गिरजेश और मां सुमन द्विवेदी ने हमेशा उसकी हौसला आफजाई की। हमेशा से सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने की इच्छा रही। पूरी लगन और मेहनत से तैयारी पर ध्यान केंद्रित किया।
कहा कि कामयाबी का मूलमंत्र मन लगाकर पढ़ाई करना है। बताया कि दादा स्व. भूपनारायण द्विवेदी के आदर्शों पर चलकर ही उसने पहली बार में यह सफलता अर्जित की है। डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर, कानपुर से अमित ने बीसीए किया है।
इसके बाद वह एमसीए प्रवेश परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। उसके बड़े भाई रजत भी बीएचयू से एमसीए कर चुके हैं और दिल्ली में नौकरी कर रहे हैं। बता दें कि अमित ने दादा स्व. भूपनारायण द्विवेदी आरपीएस इंटर कालेज के कॉमर्स के शिक्षक थे।
पॉलिटेक्निक संयुक्त प्रवेश परीक्षा में मानव को तीसरा स्थान
जालौन जिले में आफीसर्स कालोनी निवासी आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. कमलेश बाबू के बेटे मानव सिंह ने पॉलिटेक्निक संयुक्त प्रवेश परीक्षा में प्रदेश की वरीयता सूची में विशेष स्थान बनाया है। मानव को प्रदेश में तीसरा स्थान मिला है। वह आईएएस बनना चाहता है।
मानव ने बताया कि पिता डाक्टर हैं। मां अधिवक्ता हैं। मानव ने इसी साल बीकेडी एल्ड्रिच पब्लिक स्कूल से सीबीएसई बोर्ड से 95 फीसदी अंकों के साथ इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की है। जेईई मेंस की परीक्षा में 98 फीसदी अंक आए थे।
मानव का कहना है कि वह आईआईटी करने के बाद प्रशासनिक सेवा में जाना चाहता है। मानव इस समय झांसी में हैं। वह 27 सितंबर को जेईई एडवांस की परीक्षा देने गए थे। मानव ने फोन पर बताया कि उसने कोचिंग के बजाय घर पर ज्यादा पढ़ाई की है।
इसमें माता-पिता ने पूरा सहयोग किया। जिस दिन पॉलिटेक्निक की संयुक्त प्रवेश परीक्षा थी, उसे ध्यान ही नहीं रहा। उसके दोस्तों ने जानकारी दी तो वह आनन-फानन में परीक्षा देने पहुंचा। परीक्षा देने के बाद उत्तरों का मिलान किया तो उसे पता चल गया था कि उसके इतने अंक आएंगे। सोमवार को परिणाम आया तो रिजल्ट अनुमान के मुताबिक ही निकला। मानव ने बताया कि वह आईआईटी करने के बाद आईएएस की तैयारी करेगा। उसका लक्ष्य प्रशासनिक सेवा है।